
लार के इस्तेमाल पर बैन गेंदबाजों के पक्ष में कर सकता है काम: जो रूट
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट का मानना है कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के इरादे से गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर लगी रोक से गेंदबाजों के कौशल में सुधार हो सकता है, जिन्हें पिच से मदद हासिल...
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट का मानना है कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के इरादे से गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर लगी रोक से गेंदबाजों के कौशल में सुधार हो सकता है, जिन्हें पिच से मदद हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले की अगुआई वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने खेल दोबारा शुरू होने पर गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया है। आईसीसी ने क्रिकेट को दोबारा शुरू करने के लिए अपने दिशानिर्देशों में भी गेंद पर लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया है।

जो रूट ने हालांकि कहा कि यह गेंदबाजों के पक्ष में काम कर सकता है और उनके कौशल में इजाफा हो सकता है। मेट्रो.को.यूके ने रूट के हवाले से कहा, ''आम तौर पर मिलने वाली सहायता मौजूदा नहीं होने का मतलब है कि आपको अपनी सटीकता में सुधार करना होगा।''
उन्होंने कहा, ''खिलाड़ियों को पिच से मदद हासिल करने का कोई और तरीका ढूंढना होगा। यह अधिक प्रयास करना, क्रीज पर कोण में बदलाव, तिरछी सीम का इस्तेमाल आदि हो सकता है।''
रूट ने कहा, ''हमारे गेंदबाज चार से पांच हफ्ते के समय में इसे तैयार कर सकते हैं।''
बता दें कि कोविड-19 महामारी (कोरोना वायरस संक्रमण) के चलते मार्च के बाद से कोई इंटरनैशनल क्रिकेट मैच नहीं खेला जा सका है। कोविड-19 महामारी के चलते तमाम क्रिकेट इवेंट्स और सीरीज स्थगित की जा चुकी हैं, इस बीच इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने क्रिकेट को फिर से पटरी पर लाने के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। हालांकि, आईसीसी ने अपने दिशानिर्देश में कहा कि क्रिकेट गतिविधियों को तभी शुरू करना चाहिए जब कोई जोखिम न हो।
आईसीसी ने सभी सदस्य देशों को इन गाइडलाइन्स का पालन करने के लिए कहा है। आईसीसी की नई गाइडलाइन्स का मतलब क्रिकेट को सभी स्तरों सामुदायिक, घरेलू और इंटरनैशनल लेवल पर शुरू करना है।





