सचिन तेंदुलकर ने बताया, उनके जिंदगी में क्रिकेट का कौन सा दिन रहा बेस्ट
दुनिया के महान बल्लेबाजों में शामिल भारत के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने रविवार को बताया कि वर्ल्ड कप 2011 में भारत की जीत का दिन उनके क्रिकेट जीवन का सर्वश्रेष्ठ दिन है। उन्होंने कहा कि इस दिन...

दुनिया के महान बल्लेबाजों में शामिल भारत के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने रविवार को बताया कि वर्ल्ड कप 2011 में भारत की जीत का दिन उनके क्रिकेट जीवन का सर्वश्रेष्ठ दिन है। उन्होंने कहा कि इस दिन उनका सबसे बड़ा सपना सच हुआ था। भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को फाइनल में हराकर दूसरी बार वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। इस जीत की 10वीं वर्षगांठ हाल ही में मनाई गई।
सचिन ने वर्ल्ड कप 2011 में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक जड़े थे। उन्होंने अनएकेडमी के सत्र के दौरान कहा कि जब मैंने कपिल देव को साल 1983 में वर्ल्ड कप उठाते देखा था। ये एक अविश्वनीय अनुभव था। मैंने अपने दोस्तों के साथ इसका आनंद लिया और मैं इस सपने का पीछा करना चाहता था। मैंने फैसला किया कि क्या हो सकता है, मुझे फोकस करना होगा और वर्ल्डकप उठाने के अपने सपने का पीछा करना होगा। मुंबई के वानखेड़े में ये अविश्वसनीय था। ये मेरे जीवन का सबसे अच्छा क्रिकेट का दिन था। आपने देश में कितनी बार जश्न मनाया है, बहुत कम चीजें हैं. जिन्हें पूरा देश मनाता हूं।
सचिन ने आगे विक्ट्री लैप की एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब विराट कोहली और यूसुफ पठान ने मुझे उठाया, तो मैंने उनसे कहा कि मैं नीचे ना गिर जाऊं। ये सिर्फ भारतीय टीम नहीं थी, जिसने वर्ल्ड कप जीता था। यह पूरा देश था। ये वो था,जो हम सबने किया।कोविड-19 के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा," मुझे लगता है कि यह हम सभी के लिए कठिन समय है। हम इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते।अपने अनुभव के से कह सकता हूं मैं पूरी मेडिकल बिरादरी को धन्यवाद देता हूं। कैसे वो लोगों की जिंदगी बचाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं, कितने लोगों की मदद कर रहे हैं और इन्होंने कोई शिकायत नहीं की।" सचिन भी कोविड-19 की चपेट में आ गए थे और उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ा था।



