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Tokyo Olympics: 'भूल जाओ 1983, 2007 और 2011, यह मेडल किसी भी वर्ल्ड कप से बड़ा', गौतम गंभीर, सचिन समेत पूर्व क्रिकेटर्स ने दी हॉकी टीम को खास अंदाज में बधाई

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Shubham Mishra
Thu, 05 Aug 2021 10:56 AM
Tokyo Olympics: 'भूल जाओ 1983, 2007 और 2011, यह मेडल किसी भी वर्ल्ड कप से बड़ा', गौतम गंभीर, सचिन समेत पूर्व क्रिकेटर्स ने दी हॉकी टीम को खास अंदाज में बधाई

टोक्यो ओलंपिक में भारत की पुरुष हॉकी टीम ने 41 साल के सूखे को खत्म करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। भारत ने जर्मनी को रोमांचक मुकाबले में 5-3 से हराकर 1980 के बाद ओलंपिक खेलों में मेडल हासिल किया। भारतीय टीम पहले क्वार्टर में 0-1 से पिछड़ रही थी, लेकिन इसके बाद टीम ने मैच में जबरदस्त वापसी की और जर्मनी को चारों खाने चित कर दिया। भारत की ओर से सिमनरजीत सिंह ने दो, जबकि हरमनप्रीत, हार्दिक और रुपिंदर सिंह ने एक-एक गोल दागा। टीम इंडिया की इस जीत पर पूरा देश गर्व कर रहा है और हर तरफ से मनप्रीत एंड कंपनी को बधाई मिल रही है। भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण समेत कई क्रिकेटर्स ने हॉकी टीम को ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर बधाई दी है। वहीं, गौतम गंभीर ने हॉकी टीम के इस मेडल को 1983, 2007 और 2011 विश्व कप की जीत से भी बड़ा बताया। 

 

 

 

सचिन तेंदुलकर ने अपने ट्विटर पर लिखा, भारत के लिए 'ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर हॉकी दल के हर एक सदस्य को बधाई। एक शानदार लड़ाई के बाद जीत। आखिरी पलों में श्रीजेश ने जो पेनल्टी कॉर्नर बचाए वह लाजवाब थे। पूरा देश को आप पर गर्व है।' पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने हॉकी टीम को बधाई देते हुए लिखा, 'भूल जाइए 1983, 2007, 2011 हॉकी में यह मेडल किसी भी वर्ल्ड कप से बड़ा है।' वीवीएस लक्ष्मण ने हॉकी टीम के कमबैक की तारीफ करते हुए लिखा, 'वाह! देखकर बेहद खुशी हुई कि 3-1 से पिछड़ने के बाद भारतीय हॉकी टीम ने ग्रैंड स्टाइल में वापसी की और जर्मनी के खिलाफ ब्रॉन्ज मेडल जीता, भारत का 1980 के बाद पहला मेडल। बहुत बधाई।' हरभजन ने भी हॉकी टीम को जीत पर बधाई दी। 

 

 

पहले क्वार्टर में 0-1 से पिछड़ने के बाद दूसरे क्वार्टर में स्कोर 3-3 का हो गया था। तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम जर्मनी पर काफी हावी होकर खेली और टीम को इसका फायदा भी मिला। पहले क्वार्टर का स्कोर 0-1 था, फिर दूसरे क्वार्टर में स्कोर 3-3 का रहा। तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने जबर्दस्त पलटवार करते हुए स्कोर 5-3 कर दिया। चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही जर्मनी ने गोल दागकर स्कोर 4-5 कर दिया। श्रीजेश ने एक बार फिर से शानदार प्रदर्शन किया और जर्मनी के गोल के मौकों को नाकाम किया। आखिरी के तीन मिनट में भारत ने एक और पेनाल्टी कॉर्नर जर्मनी को दिया। श्रीजेश और भारतीय डिफेंडर्स ने जर्मनी को इस मौके का फायदा नहीं उठाने दिया। भारत को सेमीफाइनल में बेल्जियम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, जबकि जर्मनी को ऑस्ट्रेलिया ने हराया था। 
 

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