फोटो गैलरी

Hindi News क्रिकेटवानखेड़े में स्टैच्यू लगने के बाद सचिन तेंदुलकर हुए इमोशल, शेयर की स्पेशल फोटो, बोले- 10 साल के लड़के से अब तक...

वानखेड़े में स्टैच्यू लगने के बाद सचिन तेंदुलकर हुए इमोशल, शेयर की स्पेशल फोटो, बोले- 10 साल के लड़के से अब तक...

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपनी प्रतिमा लगने के बाद इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक पोस्ट लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि यह यात्रा मेरे अकेले की नहीं है।

वानखेड़े में स्टैच्यू लगने के बाद सचिन तेंदुलकर हुए इमोशल, शेयर की स्पेशल फोटो, बोले- 10 साल के लड़के से अब तक...
Ashutosh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 02 Nov 2023 03:16 PM
ऐप पर पढ़ें

World Cup 2023: आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में गुरुवार को इंडिया वर्सेस श्रीलंका का मुकाबला खेला जा रहा है। यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है। बता दें कि बुधवार को इसी मैदान पर भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सचिन के ‘स्ट्रेट लॉफ्टेड ड्राइव’ खेलते हुए स्टेच्यू का अनावरण किया है। इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक पोस्ट लिखा है।

शानदार कैप्शन लिखा: इस पोस्ट में सचिन तेंदुलकर ने एक खूबसूरत फोटो के साथ शानदार कैप्शन लिखा है। सचिन तेंदुलकर ने लिखा है कि, “इस तस्वीर का मेरे दिल में बहुत खास स्थान है। 25 उत्सुक प्रशंसकों के लिए केवल 24 टिकटों के साथ नॉर्थ स्टैंड में प्रवेश करने वाले 10 साल के लड़के से लेकर इस वानखेड़े स्टेडियम में मेरी प्रतिमा का अनावरण होने तक जीवन में एक पूर्ण चक्र बदलाव आ गया है।” 

भावुक हो गए सचिन तेंदुलकर
सचिन ने लिखा, “मुझे अभी भी उस ग्रुप का सौहार्द और सालों से नॉर्थ स्टैंड का जबरदस्त समर्थन याद है। मैंने एक क्रिकेट फैंस के रूप में वानखेड़े में कदम रखा था, फिर 1987 विश्व कप में बॉल बाय बना, साल 2011 में विश्व कप जीता और अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच भी यहीं खेला, इस यात्रा को मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता।

यह सिर्फ अकेले की मेरी यात्रा नहीं है
इसके बाद महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने स्टेच्यू के बारे में कहा कि, “यह मूर्ति सिर्फ मेरी नहीं है, यह प्रत्येक नॉन–स्ट्राइकर, मेरे क्रिकेट नायकों, प्रत्येक टीम के साथी खिलाड़ियों, प्रत्येक सहकर्मियों के प्रति समर्पण है जो मेरे साथ खड़े रहे। क्योंकि उनके बिना यह यात्रा संभव नहीं होती। वानखेड़े स्टेडियम और क्रिकेट आप बहुत दयालु रहे हैं।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें