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हिंदी न्यूज़ क्रिकेटनस्लवाद का शिकार हो चुके हैं रोस टेलर भी, किताब के जरिए आया सच सामने

नस्लवाद का शिकार हो चुके हैं रोस टेलर भी, किताब के जरिए आया सच सामने

न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज रोस टेलर ने हाल में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था। अब उनकी किताब ब्लैक एंड वाइट आ रही है। इस किताब में उन्होंने नस्लवाद को लेकर कुछ खुलासे किए हैं।

नस्लवाद का शिकार हो चुके हैं रोस टेलर भी, किताब के जरिए आया सच सामने
Namita Shuklaवार्ता,वेलिंगटनThu, 11 Aug 2022 02:32 PM

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क्रिकेट में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम की छवि हमेशा से बेदाग रही है, लेकिन टीम के पूर्व क्रिकेटर रोस टेलर ने नस्लवाद को लेकर कुछ ऐसी बातें अपनी किताब में लिखी हैं, जिससे कीवी टीम की छवि पर दाग लग गया है। इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके टेलर ने अपनी आत्मकथा 'ब्लैंक एंड वाइट' में आरोप लगाया है कि उन्हें अपने करियर के दौरान नस्लवाद का सामना करना पड़ा था। टेलर ने अपनी किताब में लिखा है कि न्यूजीलैंड में क्रिकेट गोरे लोगों का खेल था, जिसका कुछ हिस्सा न्यूजीलैंड हेराल्ड ने गुरुवार को प्रकाशित किया।

'मैं एक अपवाद था'

न्यूजीलैंड हेराल्ड के मुताबिक टेलर ने लिखा, 'अपने करियर के ज्यादातर हिस्से में मैं एक अपवाद था। गोरे लोगों की टीम में एक सांवला चेहरा। इसके साथ चुनौतियां जुड़ी होती हैं, जिनमें से कई आपकी टीम के साथियों या क्रिकेट देखने वाली जनता को नहीं दिखती। क्योंकि क्रिकेट में पोलिनेशियन समुदाय का प्रतिनिधत्वि बेहद कम है, मुझे आश्चर्य नहीं होता था जब लोग मुझे माओरी या भारतीय समझ लेते थे।'

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इसी साल क्रिकेट से रिटायर हुए टेलर अपनी मां की तरफ से समोआ से संबंधित थे। उनका कहना है कि उनके साथ होने वाली नस्लवादी टिप्पणियों को ज्यादातर मजाक ही समझा जाता था। उन्होंने कहा, 'कई मायनों में, ड्रेसिंग रूम मजाक का मापदंड होता है। टीम का एक साथी मुझसे कहता था, 'रॉस, तुम आधे अच्छे आदमी हो, लेकिन कौन सा आधा हिस्सा अच्छा है? आप नहीं जानते कि मैं कौन से हिस्से को अच्छा कह रहा हूं। मुझे पूरा यकीन था कि मैं जानता था। अन्य खिलाड़ियों को भी अपनी जातीयता पर आधारित टिप्पणियां बर्दाश्त करनी होती थीं।'

'क्या ऐसे करते रहना सही है?'

टेलर ने कहा, 'जाहिर है, एक पाकेहा (न्यूज़ीलैंड का वाइट व्यक्ति) इस तरह की टप्पिणियों को सुनकर सोचता होगा, 'ओह, यह ठीक है, यह सिर्फ एक मजाक है।' लेकिन वह इसे गोरे व्यक्ति के रूप में सुन रहा है और यह मजाक उसके जैसे लोगों के साथ नहीं हो रहा। इसलिए इस पर कोई ऐतराज नहीं जताता था। कोई उन्हें समझाता नहीं था।'

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2006 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले टेलर ने आगे सवाल किया, 'आप सोचते हैं कि क्या ऐसे लोगों से बात करनी चाहिए, मगर फिर यह चिंता रहती है कि कहीं आप कोई बड़ी समस्या न खड़ी कर दें, या आप पर मजाक को नस्ल से जोड़ने का आरोप न आ जाए। इन सब बातों को नजरंदाज करना और इनका आदी हो जाना आसान है, लेकिन क्या यह करना ठीक है?'

न्यूजीलैंड क्रिकेट ने दिया जवाब

टेलर ने 16 साल के अपने करियर में न्यूजीलैंड के लिए 112 टेस्ट, 236 एकदिवसीय और 102 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। न्यूजीलैंड क्रिकेट (एनजेडसी) ने न्यूजीलैंड हेराल्ड के यह खबर प्रकाशित करने के बाद जवाब में कहा, 'एनजेडसी नस्लवाद का विरोध करता है, और न्यूजीलैंड मानवाधिकार आयोग के 'गिव नथिंग टू रेसज़्मि' अभियान का कड़ा समर्थक है। हमें बेहद अफसोस है कि रोस को इस तरह के बर्ताव का सामना करना पड़ा। हम इस मामले पर चर्चा करने के लिए रोस से संपर्क करेंगे।'

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