DA Image
28 फरवरी, 2020|1:46|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रणजी ट्रॉफी: बंगाल के खिलाफ मैच से पहले बवाल, DDCA के कार्यवाहक अध्यक्ष पर हस्तक्षेप का आरोप

डीडीसीए अधिकारियों और चयनसमिति के करीबी सूत्रों के अनुसार कोच भास्कर पिल्लै और कप्तान ध्रुव शोरे दोनों चयन बैठक में नहीं आए, क्योंकि वह इस खिलाड़ी के चयन का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे।

ddca logo  twitter

दिल्ली की रणजी टीम बंगाल के खिलाफ कोलकाता में होने वाले रणजी मैच से पहले चयन विवाद में फंस गई, क्योंकि टीम में तेज गेंदबाज अंकित बेनीवाल के रूप में अतिरिक्त सदस्य जोड़ा गया है। साथ ही कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश बंसल पर चयन मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया है। संयोग से बंसल बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष स्नेह बंसल के छोटे भाई हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में डीडीसीए से बर्खास्त किया गया था।

डीडीसीए अधिकारियों और चयनसमिति के करीबी सूत्रों के अनुसार कोच भास्कर पिल्लै और कप्तान ध्रुव शोरे दोनों चयन बैठक में नहीं आए, क्योंकि वह इस खिलाड़ी के चयन का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे। डीडीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ''आम तौर पर दिल्ली 15 खिलाड़ियों और संभावित खिलाड़ियों में शामिल दो नेट गेंदबाजों का चयन करती रही है। हमारे पास विकास टोकस और प्रांशु विजयरन जैसे रणजी तेज गेंदबाज हैं। इसके बजाय बंगाल मैच के लिए अंकित बेनीवाल का चयन किया गया जिनकी रफ्तार केवल 110 किमी है।''

INDvsNZ, 1st T20I: 'न्यूजीलैंड पहुंचने के 48 घंटे बाद ही जीतना सुखद'

INDvNZ: हार के बाद रॉस टेलर बोले, हम भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके

अधिकारी से पूछा गया कि किसके कहने पर बेनीवाल को नेट गेंदबाज के तौर पर टीम में लिया गया जबकि डीडीसीए लीग में भी उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं था, उन्होंने कहा, ''बंसल बंधुओं (स्नेह और राकेश) ने बेनीवाल के चयन के लिए चयनकर्ताओं पर दबाव बनाया। लेकिन अजीब बात है कि चयनसमिति के अध्यक्ष बंटू सिंह ने इस तरह के गलत कदम का विरोध नहीं किया। असल में वे बेनीवाल को 15 सदस्यीय टीम में चाहते थे ताकि वह बीसीसीआई मैच फीस का हकदार बन सके।''

बंसल बंधुओं से संपर्क करने की काफी कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। बंगाल मैच के लिए बायें हाथ के तेज गेंदबाज पवन सुयाल को टीम में रखा गया है जो कि हैदराबाद के खिलाफ मैच के दौरान चोटिल हो गए थे। अधिकारी ने कहा, ''यह चौंकाने वाली बात है कि दो चयनकर्ता सुयाल को शामिल करने के खिलाफ थे जबकि फिजियो ने उन्हें फिट करार दिया। इसके लिए भारतीय टीम में शामिल दिल्ली के खिलाड़ी और दिल्ली के स्टार को फोन करने की जरूरत पड़ी। उन्होंने अधिकारियों से फोन पर बात की और चयनकर्ताओं से सुयाल को टीम में शामिल करने के लिए कहा।''

यही नहीं ऑलराउंडर ललित यादव को भी हिम्मत सिंह की टीम में वापसी के लिए अंडर-23 टीम में भेज दिया गया। अधिकारी ने कहा, ''चयनसमिति के अध्यक्ष बंटू प्रत्येक रणजी मैच में लेग स्पिनर तेजस बारोका को टीम में रखना चाहते हैं, लेकिन वह इसमें सफल नहीं रहे। अच्छी तरह से पता होने के बावजूद कि ईडन गार्डन्स की पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल है तो फिर तेजस की बजाय ललित को क्यों हटाया गया जबकि वह बल्लेबाजी भी कर सकते हैं।'' इस मामले में बंटू से संपर्क नहीं हो पाया।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Ranji Trophy Mess Before Bengal Game Allegations Of Interference Against Acting DDCA Prez Rakesh Bansal