Ram Janmabhoomi Babri Masjid title suit virender sehwag reaction on ayodhya verdict - अयोध्या पर ऐतिहासिक फैसलाः जानिए वीरेंद्र सहवाग ने क्या कहा DA Image
17 नबम्बर, 2019|5:52|IST

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अयोध्या पर ऐतिहासिक फैसलाः जानिए वीरेंद्र सहवाग ने क्या कहा

इन सब के बीच टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी इस फैसले पर ट्विटर के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। वीरू ने भगवान राम की फोटो शेयर करते हुए एक मेसेज लिखा है।

former india cricketer virender sehwag during the hindustan times mint-asia leadership summit  in si

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश की तमाम दिग्गज हस्तियों सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं। इन सब के बीच टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी इस फैसले पर ट्विटर के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। वीरू ने भगवान राम की फोटो शेयर करते हुए एक मेसेज लिखा है।

वीरू ने ट्वीट में लिखा, 'श्री राम जय राम जय जय राम', ये ट्वीट कुछ ही समय में वायरल हो गया। इसे कुछ ही देर में 80 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं और 13 हजार से ज्यादा लोग रिट्वीट कर चुके हैं। वीरू के अलावा महिला पहलवान गीता फोगाट ने भी इस फैसले को लेकर ट्वीट किया है। गीता फोगाट ने अपने ट्वीट में लिखा, 'रघुपति राघव राजा राम, 'ह' से हिन्दू, 'म' से मुसलमान और हम से सारा हिन्दुस्तान, जय श्री राम।'

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जानिए क्या है फैसला

अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले (Ram Janmabhoomi Babri Masjid title suit) में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने अपना फैसला सुना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अयोध्या की विवादित जमीन का मालिकाना हक रामलला को मिलेगा, वहीं मस्जिद के लिए उपयुक्त स्थान पर 5 एकड़ जमीन मुस्लिमों को दी जाएगी। 

संविधान पीठ ने अपने 1045 पन्नों के फैसले में कहा कि मस्जिद का निर्माण प्रमुख स्थल पर किया जाना चाहिए और उस स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट गठित किया जाना चाहिए जिसके प्रति हिन्दुओं की यह आस्था है कि भगवान राम का जन्म यहीं हुआ था। इस स्थान पर 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद थी जिसे कार सेवकों ने 6 दिसंबर, 1992 को गिरा दिया था।

पीठ ने कहा कि 2.77 एकड़ की विवादित भूमि का अधिकार राम लला विराजमान को सौंप दिया जाए, जो इस मामले में एक वादकारी हैं। हालांकि ये भूमि केंद्र सरकार के रिसीवर के कब्जे में ही रहेगी। कोर्ट ने कहा कि हिन्दू ये साबित करने में सफल रहे हैं कि विवादित ढांचे के बाहरी बरामदे पर उनका कब्जा था।

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