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23 मई, 2020|12:04|IST

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श्रीसंत के कैच से नहीं भाग्य से जीते थे हम टी20 वर्ल्ड कप: रॉबिन उथप्पा

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टीम इंडिया ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में काफी युवा भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंची थी। कुछ ही महीने पहले आईसीसी वर्ल्ड कप में टीम इंडिया नॉकआउट तक भी नहीं पहुंच पाई थी, ऐसे में फैन्स को टी20 वर्ल्ड कप से कुछ खास उम्मीदें थी नहीं, लेकिन टीम इंडिया ने धोनी की अगुवाई में जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था। उस वर्ल्ड चैंपियन टीम का हिस्सा रॉबिन उथप्पा भी थे। 

बीबीस के पॉडकास्ट पर उथप्पा ने कहा, 'ओवर की शुरुआत में मैं लॉन्ग-ऑन पर था, मुझे याद है कि जोगिंदर शर्मा ने पहली गेंद वाइड फेंकी थी, मैं बस मना रहा था कि हम फाइनल जीत जाएं। वाइड के बाद मैंने भगवान से मनाया कि अब छक्का ना पड़े और अगली गेंद पर छक्का भी पड़ गया। उसके बाद भी मुझे लग रहा था कि हम जीत सकते हैं। उस समय सबकुछ पाकिस्तान के पक्ष में जा रहा था और हम बस अपनी टीम को सपोर्ट कर रहे थे।'

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श्रीसंत के कैच को लेकर उथप्पा ने कहा, 'मिसबाह उल हक ने स्कूप शॉट खेला, गेंद हवा में काफी ऊंची गई, मैंने देखा कि गेंद ज्यादा दूर नहीं गई है, फिर मैंने देखा शॉर्ट फाइन-लेग पर एस श्रीसंत है, जिसके पास गेंद जा रही थी। इससे पहले श्रीसंत को कैच टपकाने के लिए जाना जाता था, वो भी आसान कैच। वो बहुत आसान कैच टपका चुके हैं। मैंने जैसे ही श्रीसंत को देखा, मैं विकेट की ओर भागने लगा, मैं बस भगवान से मना रहा था कि वो यह कैच लपक ले।' उथप्पा ने आगे कहा, 'अगर आप फिर से देखेंगे उसको कैच लेते हुए तो जब गेंद उसके हाथ में गिरी, तब वो ऊपर देख रहा था। मैं अभी भी मानता हूं कि वर्ल्ड कप जीतना हमारी डेस्टिनी थी।'
 

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  • Web Title:Nothing but destiny won us that 2007 t20 World Cup feels Robin Uthappa