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8 जुलाई, 2020|12:12|IST

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सुरेश रैना ने बताया, कैसे धोनी के उदास चेहरे को देख 2011 WC में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था जीतने का फैसला 

सुरेश रैना ने कहा ''जब मैं बल्लेबाजी के लिए जा रहा था, तब धोनी आउट होकर पवेलियन को लौट रहे थे। मैंने उनका उदास चेहरा देखा और उसी पल मैंने फैसला किया कि मैं सी भी कीमत पर इस मैच को जीतूंगा।''

suresh raina and ms dhoni  twitter

कोरोना वायरस की वजह से सभी क्रिकेट टूर्नामेंट्स पर ब्रेक लगा हुआ है। आईपीएल 2020 को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जा चुका है। इसी साल अक्टूबर में होने वाले आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान खिलाड़ी घर में अपने परिवार के साथ वक्त बिता रहे हैं, लेकिन इस बीच खिलाड़ी सोशल मीडिया के जरिये अपने फैन्स के साथ जुड़े हुए हैं। इसी कड़ी में कमेंटेटर आकाश चोपड़ा और अनुभवी भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने सोशल मीडिया पर बात की और कई यादगार किस्से शेयर किए। इस दौरान रैना ने बताया कि किस कतरह 2011 के वर्ल्ड कप में धोनी का उदास चेहरा देखकर उन्हें जीतने की प्रेरणा मिली थी। 

सुरेश रैना ने आकाश चोपड़ा के साथ 2011 की यादगार वर्ल्ड कप जीत की कई यादें साझा की। रैना ने बताया कि किस तरह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल मैच में धोनी के उदास चेहरे ने उन्हें प्रेरित किया था।  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच  2011 विश्व कप का दूसरे क्वार्टर फाइनल अहमदाबाद में खेल गया था। 

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रिकी पोंटिंग ने खेली थी 118 गेंदों में शानदार 104 रनों की पारी
इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने 118 गेंदों में शानदार 104 रनों की पारी खेली थी। पोंटिंग की इस शानदार पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने स्कोर बोर्ड पर 260 रनों का स्कोर टांग दिया था। इस टारगेट का पीछा करते हुए भारतीय टीम वीरेंद्र सहवाग का विकेट सस्ते में खो चुकी थी। इसके बाद सचिन तेंदुलकर (53) और गौतम गंभीर (50) ने टीम को संभलने में मदद की। 

गंभीर-सचिन ने संभाली पारी
दोनों खिलाड़ियों के बीच दूसरे विकेट के लिए 50 रन की पार्टनरशिपर हुई। इसके बाद विराट कोहली (24) ने गंभीर के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 49 रन जोड़े। भारत ने इस मैच में अपने विकेट जल्दी-जल्दी गंवाए। 38 ओवर में भारत का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 187 रन था। भारत को जीत के लिए 75 गेंदों में 74 रनों की जरूरत थी। इस मैच में रैना ने 28 गेंदों में युवराज सिंह के साथ मिलकर 34 रनों की तेज तर्रार पारी खेली। युवराज सिंह के शानदार 57 रनों और रैना की तेज पारी के दम पर भारत ने इस मैच में जीत हासिल की थी। 

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आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में सुरेश रैना ने बताया कि धोनी आउट होने के बाद काफी उदास हो गए थे। उनके दुखी चेहरे और सचिन तेंदुलकर के प्रेरित करने वाले शब्दों ने उन्हें भारत के लिए जीत हासिल करने की प्रेरणा दी। 

सचिन तेंदुलकर से मिला था आशीर्वाद
रैना ने बताया, ''वीरेंद्र सहवाग मेरी दाईं और सचिन तेंदुलकर बाईं तरफ बैठे हुए थे। सचिन ने मेरी पीठ थपथपाई और कहा आज भारत के लिए तुम मैच जीत सकते हो। उन्होंने मुझे तीन बार छुआ और फिर पहने हुए साईं बाबा के ब्रेसलेट को छुआ। इसके बाद सचिन तेंदुलकर से मिले आशीर्वाद ने मुझे अहसास दिलाया कि आज मैं यह मैच भारत के लिए जीत सकता हूं।''

धोनी का दुखी चेहरा देख कर लिया था फैसला
उन्होंने आगे बताया, ''जब मैं बल्लेबाजी के लिए जा रहा था, तब धोनी आउट होकर पवेलियन को लौट रहे थे। मैंने उनका उदास चेहरा देखा और उसी पल मैंने फैसला कर लिया। मैं इस मौके को नहीं गंवाऊंगा और किसी भी कीमत पर इस मैच को जीतूंगा। ऑस्ट्रेलिया ने आक्रमण से ऑफ स्पिनरों को हटा दिया और वे हमारे लिए एकमात्र खतरा थे। जब मैंने ब्रेट ली की गेंद पर छक्का मारा, उसके बाद मुझे जीत का यकीन हो गया और यही बात हमारे फेवर में रही।''

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इस मैच में 14 गेंदें शेष रहते भारत ने 5 विकेट से जीत हासिल की थी। इस जीत के बाद भारत ने वर्ल्ड कप 2011 के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी। सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला पाकिस्तान के साथ हुआ। पाकिस्तान को मात देकर भारत ने फाइनल में अपनी जगह बनाई। फाइनल मैच में श्रीलंका को हराकर भारत ने 28 साल बाद एक बार फिर से विश्कप खिताब अपने नाम किया।

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  • Web Title:MS Dhoni sad face inspired Suresh Raina to win 2011 World Cup quarter final against Australia