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27 अगस्त, 2020|1:59|IST

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धोनी को लेकर खुलकर बोले युवराज सिंह- 'उनसे जो बन पड़ा, उन्होंने किया'

युवी के पिता योगराज सिंह भले ही अपने बेटे के इंटरनैशनल करियर खत्म होने को लेकर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर आरोप लगाते हैं, लेकिन खुद युवी का मानना है कि धोनी से जो बन पड़ा उन्होंने वो किया।

kumar sangkara with ms dhoni and yuvraj singh photo-ht

टीम इंडिया के पूर्व ऑल-राउंडर युवराज सिंह का इंटरनैशनल क्रिकेट करियर शानदार रहा, लेकिन इसका अंत वैसा नहीं रहा जैसा वो डिजर्व करते थे। युवी के पिता योगराज सिंह भले ही अपने बेटे के इंटरनैशनल करियर खत्म होने को लेकर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर आरोप लगाते हैं, लेकिन खुद युवी का मानना है कि धोनी से जो बन पड़ा उन्होंने वो किया। इतना ही नहीं युवी ने बताया कि धोनी ने ही उन्हें इस सच्चाई का अहसास दिलाया था कि 2019 वर्ल्ड कप के लिए चयनकर्ता उनके नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं।

युवराज ने बताया कि किस तरह वेस्टइंडीज दौरे में खराब प्रदर्शन के बाद 2017 में उन्हें वनडे टीम से बाहर रखा गया था, तब धोनी ने उनके इंटरनैशनल करियर को लेकर सच्चाई से रूबरू कराया था। इस दौरे से पहले 2017 में आईसीसी चैपियंस ट्रॉफी में उन्होंने चार पारियों में महज 105 रन बनाए थे। युवी ने नेटवर्क 18 से कहा, 'जब मैंने वापसी की तो कप्तान विराट कोहली ने मेरा समर्थन किया। अगर वो मेरा समर्थन नहीं करते तो मैं वापसी नहीं कर पाता। पंजाब के लिए खेलते हुए मैंने घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन किया लेकिन धोनी ने 2019 वर्ल्ड को लेकर मुझे वास्तविकता से परिचित कराया, जो यह था कि चयनकर्ता इसमें मुझे शामिल करने को लेकर विचार नहीं कर रहे हैं।'

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'धोनी से जितना हो सका, उन्होंने किया'

उन्होंने कहा, 'धोनी ने मुझे वास्तविकता से अवगत कराया। वो जो कर सकते थे उन्होंने किया लेकिन कई बार कप्तान के तौर पर आप सभी को उचित साबित नहीं कर सकते। दुनियाभर के कप्तान खिलाड़ियों के लिए खड़े रहते हैं। चाहे सौरव गांगुली हों या रिकी पोंटिंग। किसी खिलाड़ी का समर्थन करना या नहीं करना व्यक्तिगत पसंद है। लेकिन धोनी से जितना हो सका, उन्होंने किया।' धोनी की कप्तानी में 2011 के वर्ल्ड कप में युवराज ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार दिया गया था।

'मैं किसी को दोष नहीं देता'

इसके बाद उन्होंने कैंसर का इलाज कराया था। उन्होंने 2013 के बाद वापसी की थी और इंग्लैंड के खिलाफ कटक में खेले गए वनडे में 150 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद वो आठ पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक की जड़ पाए थे। युवराज ने कहा, 'मैं किसी को दोष नहीं देता कि कैंसर के बाद वापस लौटने पर मुझपर किसी ने विश्वास नहीं किया। मुझे खुद अपने खेल को लेकर पहले जैसा आत्मविश्वास लाने में समय लगा था।' युवराज ने कहा, '2011 वर्ल्ड कप तक धोनी को मुझपर काफी भरोसा था और वो मुझसे कहते थे कि तुम टीम के मुख्य खिलाड़ी हो। लेकिन बीमारी के बाद वापस आने पर खेल में परिवर्तन हो गया और टीम में भी कई बदलाव हुए।'

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'धोनी ने रैना और जडेजा का किया समर्थन'

पूर्व ऑल-राउंडर ने कहा, 'आप इन चीजों को लेकर बैठे नहीं रह सकते। कप्तान को अपनी टीम को आगे बढ़ाना होता है। जहां तक 2015 वर्ल्ड कप का सवाल है, तो आप वास्तव में किसी चीज पर ध्यान नहीं दे सकते। यह व्यक्तिगत फैसला होता है।' उन्होंने कहा, 'मैं समझ सकता हूं कि एक कप्तान के तौर पर कई बार आप सभी चीजों को उचित नहीं ठहरा सकते क्योंकि अंत में आपको देखना होता है कि देश कैसे प्रदर्शन करेगा। सभी कप्तान कुछ खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं। मुझे लगता है कि धोनी ने सुरेश रैना और रवींद्र जडेजा का समर्थन किया जब वे फॉर्म में नहीं थे। विराट लोकेश राहुल का समर्थन करते हैं।'

'मुझे कोई पछतावा नहीं'

पिछले साल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद युवराज कनाडा लीग, अबु धाबी में हुए टी-10 लीग में शामिल हो चुके हैं और हाल ही में उन्हें पंजाब टीम का मेंटर नियुक्त किया गया है। युवराज ने कहा, 'मैं मेंटर बनने को लेकर उत्साहित हूं। कुछ इंटरनैशनल लीग हो सकते हैं। मैंने अभी इस बारे में फैसला नहीं लिया है कि मैं दोबारा घरेलू क्रिकेट खेलूंगा या नहीं, लेकिन मुझे कोई पछतावा नहीं है।'
 

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  • Web Title:MS Dhoni indicated that my india playing days were over says yuvraj Singh