DA Image
23 अक्तूबर, 2020|11:44|IST

अगली स्टोरी

गौतम गंभीर ने की सौरव गांगुली की तारीफ, बोले- धोनी ने कोहली को बहुत अधिक क्वॉलिटी खिलाड़ी नहीं दिए

पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी ने अपने उत्तराधिकारी विराट कोहली को बहुत अधिक क्वॉलिटी खिलाड़ी नहीं दिए।

gautam gambhir  photo by arijit sen hindustan times

पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी ने अपने उत्तराधिकारी विराट कोहली को बहुत अधिक क्वॉलिटी खिलाड़ी नहीं दिए। 2017 में कोहली ने भारतीय क्रिकेट टीम की फुल टाइम लीडरशिप संभाली थी। कोहली के नेतृत्व में गंभीर ने टेस्ट टीम में वापसी की। उनकी राय है कि टीम इंडिया से दिग्गज खिलाड़ियों के रिटायर होने के बाद केवल रोहित  शर्मा और विराट कोहली ही टीम में थे। गांगुली ने छह साल टीम इंडिया का नेतृत्व किया। उन्होंने ऐसे खिलाड़ी तैयार किए, जो किसी भी टीम को हरा सकते थे।

पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर, कुमार संगाकारा, ग्रीम स्मिथ और क्रिस श्रीकांत, महेंद्र सिंह धोनी और सौरव गांगुली के बीच वनडे क्रिकेट की कप्तानी में हो रही तुलना पर बात कर रहे थे। स्टार स्पोर्ट्स के शो 'क्रिकेट कनेक्टेड में गंभीर ने माना कि लिमिटेड ओवर्स के क्रिकेट में धोनी गांगुली से आगे रहे, क्योंकि उन्होंने सभी आईसीसी ट्रॉफियां जीती हैं। उन्होंने कहा, ''एक कप्तान के रूप में बेशक आप इससे बेहतर रिकॉर्ड नहीं रख सकते। मुझे इसमें कोई शक नहीं हैं कि व्हाइट बॉल क्रिकेट में धोनी, गांगुली से आगे हैं।''

शिखर धवन के VIDEO पर चहल ने किया कमेंट, बोले- जब भाभी धोएंगी तो जोरू बेबी उनकी साइड होगा

उन्होंने आगे कहा, ''लेकिन जब धोनी ने कप्तानी छोड़ी तो उन्होंने विराट के लिए क्वॉलिटी प्लेयर नहीं छोड़े। विराट, रोहित या जसप्रीत बुमराह ही इस वक्त टीम में हैं। टीम में ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं, जो दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकें। या आपको कोई बड़ा टूर्नामेंट जीतकर दे सकें।''

उन्होंने कहा, ''लेकिन सौरव को देखिए... उन्होंने युवराज सिंह, जो दो विश्व कपों में टीम में रहे (2007 का टी20 और 2011 का वनडे विश्व कप) वह 'मैन ऑफ द सीरीज' थे। इसके अलावा सौरव गांगुली ने हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान जैसे धाकड़ खिलाड़ी छोड़े थे, जिनसे दुनियाभर के खिलाड़ी डरते थे।''

सौरव गांगुली ने 1999 में पहली बार टीम का कप्तानी संभाली। 49 टेस्ट मैचों में उन्होंने 21 टेस्ट भारत को जितवाए। 146 वनडे में 76 गेम उनके नाम रहे। 2002 में भारत ने नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती। 2003 के वर्ल्ड कप में भारत फाइनल तक पहुंचा। हालांकि, फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा।

महेंद्र सिंह धोनी ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप 2007 जीत कर सबको चौंका दिया था। चार साल बाद 2011 में टीम इंडिया ने 50 ओवर का वनडे विश्व कप जीता। इसके बाद 2013 में धोनी ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती। धोनी पहले ऐसे कप्तान बने, जिनके नेतृत्व में भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी जीती।

सुरेश रैना और ऋषभ पंत ने एक साथ शुरू की नेट प्रैक्टिस- VIDEO

धोनी के नेतृत्व में टीम इंडिया तीन अन्य टूर्नामेंट्स में दूसरे चरण में पहुंची, लेकिन जीत नहीं पाई। 2014 में धोनी ने टेस्ट की कप्तानी विराट कोहली को सौंप दी। 2017 में कोहली तीनों फॉर्मैट में कप्तान बन गए। युवराज सिंह और हरभजन सिंह कोहली के पास थे, लेकिन उनके पास बहुत ज्यादा अवसर नहीं थे। सबसे सफल टेस्ट कप्तान कोहली ने 55 टेस्ट मैचों में 33 में भारत को जीत दिलाई।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:MS Dhoni did not give enough quality players to Virat Kohli and praise Sourav Ganguly says Gautam Gambhir