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18 सितम्बर, 2020|6:46|IST

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मनोज तिवारी ने कहा- टेस्ट डेब्यू मिस करने पर होटल रूम में जाकर बहुत रोया था

shikhar dhwan and manoj tiwary  pti

टीम इंडिया के क्रिकेटर मनोज तिवारी ने कहा कि जब वो चोट की वजह से टेस्ट में डेब्यू नहीं कर सके थे, तो उसके बाद होटल रूम में जाकर रोए थे। 2007 में टीम इंडिया जब बांग्लादेश दौरे पर गई थी, तो मनोज तिवारी टेस्ट में डेब्यू करने के बहुत करीब थे। मैच से एक दिन पहले उनके कंधे में चोट लगी थी, जिसके चलते वो डेब्यू नहीं कर सके थे। फील्डिंग प्रैक्टिस के दौरान मनोज तिवारी का कंधा खिसक गया था।

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स्पोर्ट्सकीड़ा को दिए इंटरव्यू में मनोज तिवारी ने कहा, 'मैं बहुत अच्छी फॉर्म और लय में था। लेकिन मुझे बाहर बैठना पड़ा क्योंकि मैं चोटिल था। उस दिन मैं अपने होटल रूम में गया और रोया था।' बंगाल की ओर से 2006-07 सीजन में मनोज तिवारी ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने सात मैचों में 99.5 की औसत से 796 रन बनाए थे, जिसमें तीन सेंचुरी और एक हाफसेंचुरी शामिल थी। उस सीजन में वो बंगाल की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर थे। रॉबिन उथप्पा 854 रनों के साथ पहले नंबर पर थे।

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तिवारी ने इसके बाद अगले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीबी सीरीज में डेब्यू किया था। वो शून्य रन पर आउट हुए थे और इसके बाद उन्हें वापसी के लिए तीन साल का लंबा इंतजार करना पड़ा था।  उन्होंने कहा, 'जब हम ऑस्ट्रेलिया गए थे, तो मिडिल ऑर्डर में ज्यादातर बल्लेबाजों ने रन नहीं बनाए थे, मिडिल ऑर्डर में काफी जगह थी, जिसमें मैं फिट हो सकता था।' मनोज तिवारी उन कुछ अनलकी क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिन्हें सेंचुरी जड़ने के बावजूद टीम से ड्रॉप कर दिया गया था। दिसंबर 2011 में मनोज तिवारी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चेन्नई में 104 रनों की मैच विनिंग पारी खेली थी, लेकिन टीम से ड्रॉप कर दिए गए और फिर अगले 14 मैचों में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला।
 

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  • Web Title:Manoj Tiwary said went to the hotel room and cried after missing my test debut