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ENGvsIND: वे कप्तान जिनके नेतृत्व में भारत ने इंग्लैंड में लहराया जीत का परचम

हम आपको उनक भारतीय कप्तानों के बारे में बता रहे हैं, जिनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को उसी की धरती पर पटखनी दी...

भारत ने 17 बार इंग्लैंड का दौरा किया, सिर्फ 3 बार टेस्ट सीरीज जीती
भारत ने 17 बार इंग्लैंड का दौरा किया, सिर्फ 3 बार टेस्ट सीरीज जीती

भारत और इंग्लैंड के बीच 1 अगस्त से 5 मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होने जा रही है, जिसका पहला मुकाबला बर्मिंघम में खेला जाएगा। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया का यह पहला इंग्लैंड दौरा है। टीम इंडिया ने इससे पहले इंग्लैंड में जाकर अबतक कुल 17 टेस्ट सीरीज खेली हैं। इनमें से उसे सिर्फ 3 टेस्ट सीरीज में जीत नसीब हुई है। हम आपको उनक भारतीय कप्तानों के बारे में बता रहे हैं, जिनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को उसी की धरती पर पटखनी दी...

1) अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड में जीती थी पहली टेस्ट सीरीज
1) अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड में जीती थी पहली टेस्ट सीरीज

भारतीय टीम इस दौरे पर उस समय की सबसे ताकतवर टीम वेस्टइंडीज को उसके घर में टेस्ट सीरीज में हराने के बाद पहुंची थी। कप्तान अजित वाडेकर की अगुवाई में उस समय की भारतीय टीम में दुनिया का सबसे बेहतरीन ओपनिंग बल्लेबाज खेलता था, जिसका नाम था सुनील गावस्कर। भारत की स्पिन गेंदबाजी भी उस समय सभी टीमों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ थी। तीन टेस्ट मैचों की इस सीरीज के पहले दो मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए थे। 'द ओवल' में सीरीज का अंतिम मुकाबला खेला जा रहा था। इंग्लैंड की टीम ने मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और जॉन जेमसन (82), एलन नॉट (90) और पेसर रिचर्ड हट्टन (81) की पारियों की मदद से पहली पारी में 355 रन का स्कोर खड़ा किया।  

इंग्लैंड की पहली पारी के 355 रन के जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में दिलीप सरदेसाई (54) और फारुख इंजीनियर (59) की पारियों के दम पर 284 रन का स्कोर बनाया। इंग्लैंड के लिए आॅफ स्पिनर रे इलिंगवर्थ ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर अपनी टीम को पहली पारी के आधार पर 71 रन की बढ़त दिला दी। इंग्लैंड ने यहां से कभी सोचा भी नहीं होगा कि वह मैच हारने वाला है। अंग्रेजों को दूसरी पारी में भारत के स्पिनर बीएस चंद्रशेखर ने अपनी फिरकी पर ऐसा नचाया कि पूरी टीम सिर्फ 101 रन जोड़कर पवेलियन लौट गई। चंद्रशेखर ने 6 विकेट चटकाए। भारत को जीत के लिए 173 रन का लक्ष्य मिला। कप्तान अजित वाडेकर (45), दिलीप सरदेसाई (40) और फारुख इंजीनियर (28*) ने भारत को इंग्लैंड की सरजमीं पर पहली टेस्ट सीरीज जीताने में अहम भूमिका निभाई।

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2) भारत ने दूसरी बार कपिल देव की कप्तानी में अंग्रेजों को उनके घर में हराया
2) भारत ने दूसरी बार कपिल देव की कप्तानी में अंग्रेजों को उनके घर में हराया

भारतीय टीम कपिल देव के नेतृत्व में इस बार इंग्लैंड के दौरे पर आई थी। भारत टीम ने 1983 में वनडे विश्व कप और क्रिकेट वर्ल्ड चैम्पियनशिप का खिताब जीतकर पूरी दुनिया में अपना डंका बजा दिया था। अब भारतीय टीम पर टेस्ट क्रिकेट में भी अपना वर्चस्व साबित करने का दबाव था। लॉर्ड्स में भारत को इससे पहले लगातार 10 टेस्ट मुकाबलों में 8 में हार का सामना करना पड़ा था और दो मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए थे। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ग्राहम गूच की (114) शतकीय पारी के दम पर 294 रन बनाए। 

भारत की ओर से युवा तेज गेंदबाज चेतन शर्मा ने पांच विकेट चटकाए थे। भारत की पहली पारी में दिलीप वेंगसरकर ने नाबाद 126 रन की पारी खेली, जिसके दम पर भारत ने 341 रन का स्कोर बनाया। इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी में कपिल देव की शानदार स्विंग गेंदबाजी के सामने सिर्फ 180 रन पर सिमट गई। कपिल देव ने 52 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए। भारत को जीत के लिए 134 रन का आसान लक्ष्य मिला, जिसे उसने 5 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। इस टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था।

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3) भारत ने आखिरी बार राहुल द्रविड़ की कप्तानी में अंग्रेजों को उनके घर में दी थी मात
3) भारत ने आखिरी बार राहुल द्रविड़ की कप्तानी में अंग्रेजों को उनके घर में दी थी मात

राहुल द्रविड़ की कप्तानी में भारतीय टीम बिना किसी कोच की देखरेख में इंग्लैंड के इस दौरे पर गई थी। इसी साल वेस्टइंडीज में हुए वनडे विश्व कप में भारतीय टीम के पहले ही दौर से बाहर हो जाने के बाद कोच ग्रेग चैपल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वह ऐसा दौर था जब भारतीय ड्रेसिंग रूम में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। इस दौरे पर पहले टेस्ट मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था। टीम इंडिया को फिर से जोश में आने के लिए एक जीत की सख्त दरकार थी। अपनी बल्लेबाजों के लिए मशहूर भारतीय टीम के लिए नॉटिंघम टेस्ट मैच की जीत में तेज गेंदबाज जहीर खान हीरो बने। इंग्लैंड अपनी पहली पारी में सिर्फ 198 रन पर सिमट गया, जहीर ने 4 विकेट चटकाए। 
 
भारत ने अपनी पहली पारी में सचिन तेंदुलकर (91) और सौरव गांगुली (79) सहित पांच बल्लेबाजों की अर्धशतकीय पारियों के दम पर 484 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड पहली पारी के आधार पर भारत से 283 रन पीछे था। दूसरी पारी में इंग्लैंड के कप्तान माइकल वॉन ने शानदार 124 रन की शतकीय पारी खेल भारत की उम्मीदों पर पानी फेरने की भरसक कोशिश की। लेकिन जहीर खान ने पांच विकेट चटकाकर इंग्लैंड का दूसरी पारी में 355 रन के स्कोर पर रोक दिया। भारत को जीत के लिए 73 रन का लक्ष्य मिला, जिसे उसने 3 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। भारत ने इस दौरे का अंत 21 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीत कर किया।

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  • Web Title:Know About Indian Cricket Team Captains who led Team towards Test Series Victory on England Soil in Their Captaincy