फोटो गैलरी

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ क्रिकेटजोगिंदर शर्मा ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर किया खुलासा, कहा- माही ने मुझसे कहा था...

जोगिंदर शर्मा ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर किया खुलासा, कहा- माही ने मुझसे कहा था...

158 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान को आखिरी छह गेंदों पर जीत के लिए 13 रन चाहिए थे।ऐसी परिस्थितियों में धोनी ने एक जुआ खेला और अंतिम ओवर फेंकने के लिए वह जोगिंदर शर्मा की ओर गए। 

जोगिंदर शर्मा ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर किया खुलासा, कहा- माही ने मुझसे कहा था...
Ezaz Ahmadलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 24 Sep 2022 07:44 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में 24 सितंबर 2007 काे उद्घाटन टी20 विश्व कप फाइनल में पाकिस्तान पर भारतीय क्रिकेट टीम की जीत के शनिवार को पूरे 15 साल हो गए। यह 24 वर्षों में भारत का पहला विश्व खिताब था और फैंस के दिमाग में उसकी यादें अभी भी जीवित है। लीजेंड्स लीग क्रिकेट (LLC) में गुजरात जायंट्स के लिए खेल रहे जोगिंदर शर्मा से बेहतर इसे और कौन जानता है। 2007 टी20 वर्ल्ड कप का जब भी जिक्र होता है, भारतीय क्रिकेट फैन्स के जहन में जोगिंदर शर्मा का नाम ताजा हो जाता है। मध्यम तेज गेंदबाज ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को पांच रन से जीत दिलाने में मदद की थी।

158 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान को आखिरी छह गेंदों पर जीत के लिए 13 रन चाहिए थे।इन-फॉर्म मिस्बाह-उल-हक मैच और खिताब को भारत से दूर ले जाना चाह रहे थे। ऐसी परिस्थितियों में धोनी ने एक जुआ खेला और अंतिम ओवर फेंकने के लिए वह जोगिंदर शर्मा की ओर गए। और फिर जोगिंदर ने मिस्बाह को आउट कर भारत को वर्ल्ड चैंपियन बना दिया। जोगिंदर ने कहा कि 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल की यादें अभी भी उनके दिमाग में ताजा है और हमेशा रहेगी।

2007 T20 World Cup: कोई बना DSP तो कोई MP, जानिए कहां हैं भारत को पहला T20 वर्ल्ड कप जिताने

जोगिंदर शर्मा ने अब खुलासा किया है कि 15 साल पहले उस रात आखिरी ओवर में गेंदबाजी करते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ उनकी क्या बातचीत हुई थी। इस तेज गेंदबाज ने फाइनल में दो विकेट चटकाए थे। 

जोगिंदर ने कहा, ''अंतिम ओवर से पहले चर्चा यह नहीं थी कि मुझे किस लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करनी चाहिए या मेरी गेंदबाजी की रणनीति क्या होनी चाहिए। माही ने मुझसे कहा कि तुम किसी भी तरह का दबाव मत लो। अगर हम हारते हैं, तो यह उनके ऊपर आएगा।''  

उन्होंने कहा, '' यहां तक ​​कि जब मिस्बाह ने दूसरी गेंद पर मुझे छक्का लगाया, तब भी हम दबाव में नहीं थे। किसी भी समय, हमने चर्चा नहीं की कि हमें क्या करने की आवश्यकता है। तीसरी गेंद डालने से ठीक पहले मैंने देखा कि मिस्बाह स्कूप खेलने के लिए तैयार हो रहे हैं। इसलिए मैंने लेंथ में बदलाव किया और धीमी गेंदबाजी की। और मिस्बाह इसे ठीक से हिट नहीं कर पाए। श्रीसंत ने कैच लपका और बाकी जैसा कि वे कहते हैं कि इतिहास है।''

लेटेस्ट Cricket News, Cricket Live Score, Cricket Schedule और T20 World Cup की खबरों को पढ़ने के लिए Live Hindustan AppLive Hindustan App डाउनलोड करें।
epaper