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रिसेप्शनिस्ट से पिच क्यूरेटर बनने तक का सफर...जसिंता कल्याण ने रचा इतिहास, जय शाह ने की तारीफ

जसिंता कल्याण भारत की पहली महिला पिच क्यूरेटर बनीं। वे एक समय पर रिसेप्शनिस्ट थीं, लेकिन अब उन्होंने एम चिन्नास्वाी स्टेडियम में क्यूरेटर का काम किया। BCCI सचिव जय शाह ने भी उनकी जमकर तारीफ की।

रिसेप्शनिस्ट से पिच क्यूरेटर बनने तक का सफर...जसिंता कल्याण ने रचा इतिहास, जय शाह ने की तारीफ
Vikash Gaurलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 27 Feb 2024 12:55 PM
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पिच क्यूरेटर का जिम्मा संभालने वाली जसिंता कल्याण की तारीफ की है। जसिंता कल्याण देश की पहली महिला पिच क्यूरेटर बनी हैं। उनको वुमेंस प्रीमियर लीग में पिच तैयार करने का जिम्मा मिला। देश में पहली बार किसी महिला ने पिच क्यूरेटर की भूमिका निभाई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक समय पर जसिंता रिसेप्शनिस्ट थीं। 

BCCI सचिव जय शाह ने एक्स पोस्ट करते हुए लिखा, "भारतीय क्रिकेट ने एक ऐतिहासिक प्रगति हासिल की। जसिंता कल्याण हमारे देश की पहली महिला क्रिकेट पिच क्यूरेटर बन गई हैं। बेंगलुरु में वुमेंस प्रीमियर लीग के शुरुआती फेज के लिए पिच की तैयारी की कमान संभालनी वाली जसिंता दृढ़ संकल्प और बाधाओं को तोड़ने की इच्छा का प्रतीक हैं। जसिंता की अभूतपूर्व उपलब्धि खेल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जुनून का प्रमाण है।"

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जय शाह ने आगे लिखा, "वुमेंस प्रीमियर लीग के लिए पिच की देखरेख में उनकी भूमिका खेल में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो भारत में क्रिकेट के विकसित परिदृश्य को उजागर करती है। जैसा कि हम महिला प्रीमियर लीग को सुर्खियों में देखते हुए खड़े हैं, ना केवल मैदान की शोभा बढ़ाने वाले एथलीटों, बल्कि जसिंता कल्याण जैसे असाधारण व्यक्तियों की भी सराहना करना अनिवार्य है, जिनके पर्दे के पीछे के अथक प्रयास खेल की सफलता में बहुत योगदान देते हैं!"

बता दें कि जसिंता कल्याण ने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के साथ एक रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम शुरू किया था। उस समय उनकी उम्र महज 19 साल थी। इसके बाद वे केएससीए के लिए अन्य चीजों में हाथ आजमाने लगीं। उनको सेल्स टीम में रखा गया था, जबकि काफी समय से वह पिच क्यूरेटर्स की टीम का हिस्सा थीं। अब उनको मुख्य पिच क्यूरेटर के तौर पर काम करने का मौका मिला। डब्लूपीएल के मैच उन पिचों पर रोमांचक रहे हैं।

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