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IPL 2019: फिटनेस के मामले में ऐसे अलग है धौनी की CSK और विराट की RCB

क्रिकेट में इन दिनों फिटनेस को काफी तवज्जो दिया जाने लगा है। यो-यो टेस्ट को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम में भले ही तमाम चर्चाएं हो चुकी हैं, लेकिन सीएसके के क्रिकेटरों को इससे गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

suresh raina

IPL 2019 (Indian Premier League 12th Season): महेंद्र सिंह धौनी के नेतृत्व वाली चेन्नई सुपर किंग्स की टीम इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में फिटनेस टेस्ट नहीं देगी। इस सीजन के पहले मैच तक के लिए टीम से जुड़े पूर्व भारतीय ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन ने खिलाड़ियों की फिटनेस मापने के लिए दो किमी. या 2.4 किमी दौड़ और स्प्रिंट वाले स्मार्ट टेस्ट को फिटनेस मापने के पैमाने के रूप में चुना है।

जरूरत के मुताबिक टेस्ट

रामजी ने शुक्रवार को बताया कि कैसे उन्होंने यो-यो टेस्ट जैसे सामान्य टेस्ट पैरामीटर के बजाय खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट टेस्ट और डिजाइन टेस्ट को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, केवल इसलिए कि राष्ट्रीय टीम यो-यो टेस्ट करती है, इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे भी इस प्रक्रिया का पालन करने की जरूरत है। मेरा मानना है कि खिलाड़ियों की खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए चुनौतियों को तैयार करने की जरूरत है।

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धौनी, विराट की अलग तैयारी

रामजी ने कहा-उदाहरण के लिए, जब मैं भारतीय टीम के साथ था, तब मैंने धौनी के लिए जो टेस्ट तैयार किया था, वह सचिन के लिए नहीं था। ठीक वैसे ही अगर विराट कोहली डेडलिफ्ट करना चाहते हैं और उनका शरीर उनका साथ देता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि धौनी को भी वैसा ही करना होगा। यो-यो टेस्ट फुटबॉल जैसे खेलों के लिए अधिक अनुकूल है।

धौनी के बारे में उन्होंने कहा, माही पूरी तरह अलग हैं। वह चीजों को आसान रखना पसंद करते हैं। वह क्लीन-एंड-जर्क और अन्य तरह की पावर लिफ्टिंग नहीं करते हैं। वह स्मार्ट ट्रेनर हैं और इस तरह से अभ्यास करते हैं जो आसान होता है और उनकी स्किल्स को बढ़ाने में मदद करता है।

भेड़चाल की मानसिकता को खत्म करना होगा

रामजी को लगता है कि भारत में एक भेड़ चाल है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति कुछ करता है और वह इसमें सफलता हासिल करता है तो दूसरे लोग भी उसका अनुसरण करते हैं। उन्होंने कहा, केवल इसलिए कि उसेन बोल्ट फिट रहने के लिए दौड़ते हंै तो इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे भी ऐसा ही करना चाहिए। भारत में भेड़ चाल की इस मानसिकता को खत्म करना होगा। बेशक एक निश्चित फिटनेस प्रणाली का पालन करने से कोहली को जो परिणाम मिला है, वह निर्विवाद है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि कोई अन्य खिलाड़ी भी उसी प्रणाली का पालन करके उसी तरह का नतीजा हासिल कर लेगा।

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  • Web Title:IPL 2019 CSK players will not be performing yo-yo test here is why indian premier league 12th season