IPL 2018 के भ्रष्टाचार निरोधक मामले ICC देख रही थी: अजीत सिंह

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के प्रमुख अजीत सिंह ने कहा कि आईपीएल 2018 के दौरान शाकिब अल हसन द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता के उल्लंघन की जांच पूरी तरह से आईसीसी कर रही है। शाकिब पर आईसीसी ने दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है, जिन्होंने तीन बार कथित तौर पर भारतीय सटोरिये दीपक अग्रवाल द्वारा पेशकश किए जाने की जानकारी नहीं दी थी। इनमें से एक घटना आईपीएल 2018 की है।

राजस्थान के पूर्व डीजीपी सिंह ने कहा, ''उस आईपीएल सत्र में भ्रष्टाचार निरोधक मामले आईसीसी देख रही थी। पूरी जांच आईसीसी की निगरानी में हुई। बीसीसीआई की इसमें कोई भूमिका नहीं है।'' कथित सटोरिये अग्रवाल के बारे में उन्होंने कहा, ''हमने अपनी ओर से जरूरी जानकारी दे दी थी, लेकिन पूरी जांच आईसीसी की एसीयू ने की।''

बता दें कि शाकिब अल हसन पर एक साल का पूर्ण प्रतिबंध और 12 महीने की अवधि का निलंबित प्रतिबंध लगाया गया है। यह तब लागू होगा अगर शाकिब आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक संहिता का पालन नहीं करते हैं। वह अगले साल इंडियन प्रीमियर लीग और ऑस्ट्रेलिया में 18 अक्टूबर से 15 नवंबर 2020 तक होने वाले टी20 विश्व कप में नहीं खेल सकेंगे। 

दुनिया के नंबर एक वनडे ऑलराउंडर ने संदिग्ध सट्टेबाज दीपक अग्रवाल द्वारा की गई पेशकश की रिपोर्ट नहीं की थी, जिन्होंने उन्हें तीन अलग-अलग मौकों पर टीम संयोजन और रणनीति के बारे में जानकारी देने के लिए कहा था।

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