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Hindi News क्रिकेटखाली स्टेडियम में मैच कराने को लेकर बोले टीम इंडिया के सबसे बड़े फैन- लोगों के बिना क्या मैं अकेले तिरंगा लहराता नजर आऊंगा?

खाली स्टेडियम में मैच कराने को लेकर बोले टीम इंडिया के सबसे बड़े फैन- लोगों के बिना क्या मैं अकेले तिरंगा लहराता नजर आऊंगा?

पिछले कई सालों से टीम इंडिया के मैचों में स्टेडियम में एक चेहरा जरूर नजर आता है। एक पतला सा आदमी, जिसने शरीर पर तिरंगा रंगवाया होता है, सचिन तेंदुलकर का नाम और उनका जर्सी नंबर भी शरीर पर पेंट कराया...

खाली स्टेडियम में मैच कराने को लेकर बोले टीम इंडिया के सबसे बड़े फैन- लोगों के बिना क्या मैं अकेले तिरंगा लहराता नजर आऊंगा?
रमेश मंदानी,नई दिल्लीSat, 16 May 2020 08:56 AM
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पिछले कई सालों से टीम इंडिया के मैचों में स्टेडियम में एक चेहरा जरूर नजर आता है। एक पतला सा आदमी, जिसने शरीर पर तिरंगा रंगवाया होता है, सचिन तेंदुलकर का नाम और उनका जर्सी नंबर भी शरीर पर पेंट कराया होता है और हाथ में तिरंगा लिए भारतीय टीम की हौसला अफजाई करते नजर आता है। हम बात कर रहे हैं सुधीर कुमार गौतम की। सुधीर लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में थे, जानिए वो कैसे बिहार अपने गांव पहुंचे और क्रिकेट की वापसी को लेकर और खाली स्टेडियम में मैच कराए जाने को लेकर उन्होंने क्या कुछ कहा।

कोविड-19 की वजह से भारत में तीसरे चरण का लॉकडाउन चल रहा है। सुधीर इन दिनों बिहार के मुजफ्फरपुर के दामोदरपुर गांव में हैं। मार्च में जब लॉकडाउन शुरू हुआ तब सुधीर दिल्ली में अपने एक दोस्त के घर से, 55 दिन वहां रहने के बाद वो बिहार में अपने गांव 7 मई को पहुंचे। सुधीर ने उधार पर एक बाइक ली, जो करीब 52,000 किमी चल चुकी थी, उससे दो दिन में करीब 1000 किमी की दूरी तय करके वो घर पहुंचे। 7 मई की रात में वो लखनऊ पहुंचे, जहां उन्हें अपने दोस्त के घर सोना था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। उन्होंने बताया, 'मेरे दोस्त की सोसाइटी वाले लोग हंगामा मचाने लगे, क्योंकि मैं दिल्ली से आया था, तो हो सकता है मेरे साथ वायरस भी आ गया हो।'

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'गांव में सबलोग मुझसे डरे हुए थे'

सुधीर इसके बाद अपने गांव की ओर निकले और 8 मई की रात में दामोदरपुर पहुंचे। उन्होंने कहा, 'सबलोग डरे हुए थे। लोगों ने सरपंच से मेरी शिकायत भी की।' सरपंच ने सुधीर को कोविड-19 टेस्ट कराने के लिए कहा और साथ ही 21 दिन क्वॉरंटाइन करने के लिए भी कहा। लोकल हेल्थकेयर सेंटर पर सुधीर का कोविड-19 के लक्षणों का टेस्ट हुआ, लेकिन उनमें कोई लक्षण नजर नहीं आए तो आगे का टेस्ट नहीं हुआ। इसके बाद उनका क्वॉरंटाइन जारी रहा।

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'मैं सचिन सर से बात करूंगा'

उन्हें जब बताया गया कि अब हो सकता है क्रिकेट मैच खाली स्टेडियम में कराए जाएं, तो वो फोन पर एकदम से शांत हो गए। इसके बाद उन्होंने कहा, 'जब भी मैच शुरू होंगे मैं जरूर जाऊंगा, हो सकता है वो मुझे जाने की इजाजत ना दें, लेकिन मैं फिर भी कोशिश करूंगा। मैं सचिन (तेंदुलकर) सर से बात करूंगा, हो सकता है वो मुझे बीसीसीआई से इजाजत दिलवा दें।' उन्होंने कहा, 'जब मैं स्टेडियम में होता हूं तो मैं चीयरलीडर गोता हूं। मैं शंख बजाता हूं और लोगों को रोमांच महसूस होता है। मैं चीयर करने के लिए जो लाइन्स चिल्लाता हूं लोग उसे दोहराते हैं। मुझे वीआईपी टिकट मिलते हैं, लेकिन मैं बॉक्स में नहीं बैठता हूं। मुझे स्टैंड में लोगों के साथ बैठना पसंद है।'

'तो क्या मैं अकेले तिरंगा लहराऊंगा?'

39 वर्षीय सुधीर के घर उनके बूढ़े मां-बाप हैं और बड़ा भाई है। वो चाहते हैं कि सुधीर कोई नौकरी करे और शादी कर ले। सुधीर ने कहा, 'मैं उन सब चीजों के लिए नहीं बना हूं, उन्हें यह बात समझ नहीं आती है।' गौतम खिलाड़ियों के द्वारा गिफ्ट दी गई महंगी चीजें जरूर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनका कहना है कि उनका बैंक अकाउंड जीरो है। उन्होंने बताया कि जब भी टीम इंडिया के पीछे जाते हैं तो उनका खर्चा क्रिकेट सर्कट के उनके दोस्त और कभी-कभी खुद क्रिकेटर्स उठाते हैं। गौतम को विश्वास है कि जब भी कोविड-19 महामारी के बाद टीम इंडिया मैदान पर खेलने उतरेगी, तो स्टेडियम में मौजूद रहेंगे। उनका मानना है कि उनके शंख की नाद से क्रिकेट की वापसी की घोषणा होगी, लेकिन उनकी अलग चिंताएं हैं। उन्होंने कहा, 'अगर वहां लोग नहीं होंगे, तो क्या मैं अकेल तिरंगा लहरा रहा होऊंगा?'

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