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विराट चोटिल: इस वजह से गावस्कर और सचिन से ज्यादा बोझ झेल रहे हैं कोहली!

Virat Kohli injury

इंग्लैंड के महत्वपूर्ण दौरे से पहले कप्तान विराट कोहली गर्दन की चोट आ गई है और अब वो काउंटी क्रिकेट में हिस्सा नहीं लेंगे। कोहली का चोटिल हो जाना संकेत है कि भारतीय क्रिकेटरों पर काम का बोझ ज्यादा ही पड़ने लगा है। 1980 तक के दशक में शायद ही कोई खिलाड़ी फिटनेस की समस्या से जूझता था। लेकिन आज व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के अलावा आईपीएल लीग खिलाड़ियों को लगातार थका कर रही है।

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इसी का नतीजा है कि विराट कोहली जैसा भारत का सबसे फिट खिलाड़ी भी अब चोटिल हुआ है। लेकिन क्या वाकई जरूरत से ज्यादा क्रिकेट ने आज के दौर के खिलाड़ियों के शरीर को थकाना शुरू कर दिया है। आंकड़ों की मानें तो सुनील गावस्कर और सचिन जैसे महान खिलाड़ियों की तुलना में कोहली पर ज्यादा मैचों का बोझ हो रहा है। आइए जानते हैं बदलते दौर में क्रिकेट ने कैसे खिलाड़ियों की थकान बढ़ाई है। 

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गावस्कर के दौर में टेस्ट क्रिकेट ज्यादा
गावस्कर ने 1971 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगाज किया। उस समय वनडे क्रिकेट की शुरुआत नहीं हुई थी। भारतीय टीम तब एक साल में सिर्फ 8 से 10 टेस्ट मैच खेलती थी। इसके बाद 1974 में वनडे क्रिकेट की शुरुआत हुई। 1980 के दशक में भारतीय टीम साल में 10 से 12 वनडे मैच ही खेलती थी। इस तरह कुल मिलाकर भारत के स्टार खिलाड़ी साल में 23 से 24 मैच ही खेलते थे। 

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सचिन खेलते थे ज्यादा वनडे मैच
सचिन ने 1989 में टेस्ट और वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया। 90 के दशक में क्रिकेट की लोकप्रियता में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होने लगी। खासतौर पर वनडे क्रिकेट ज्यादा खेला जाने लगा। उस दौर में सचिन ने करीब 10  टेस्ट हर साल खेले, लेकिन तकरीबन 30 वनडे मैच को सालाना खेलते थे। ऐसे में सचिन अपने समय में एक साल में करीब 40 इंटरनेशनल मैच खेलते रहे।

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विराट कोहली पर इसलिए बढ़ गया बोझ 
गावस्कर और सचिन के मुकाबले वर्तमान भारतीय कप्तान विराट कोहली पर काफी ज्यादा बोझ पड़ने लगा है। इस मुख्य कारण आईपीएल लीग है, जहां खिलाड़ियों को लगातार डेढ़ महीने तक खेलना होता है। विराट कोहली ने एक साव में कुल 61 मैच खेले हैं। इसमें उन्होंने 29 वनडे और 9 टेस्ट के साथ-साथ 9 टी-20 और 14 आईपीएल मैच खेले हैं। ऐसे में ये साफ देखा जा सकता है कि टी-20 क्रिकेट ने कप्तान पर ज्यादा बोझ डाला है।

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  • Web Title:indian captain virat kohli is playing more matches per year than greats like gavaskar and sachin
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