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Hindi News क्रिकेटक्या वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों के इस यूनिक रिकॉर्ड की बराबरी कर पाएंगे यशस्वी जायसवाल?

क्या वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों के इस यूनिक रिकॉर्ड की बराबरी कर पाएंगे यशस्वी जायसवाल?

वेस्टइंडीज के खिलाफ डॉमिनिका टेस्ट में डेब्यू करने वाले यशस्वी जायसवाल के पास वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली, सुरेश रैना, प्रवीण आमरे जैसे दिग्गजों के एक एकदम यूनिक रिकॉर्ड की बराबरी करने का मौका है।

क्या वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों के इस यूनिक रिकॉर्ड की बराबरी कर पाएंगे यशस्वी जायसवाल?
Namita Shuklaलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीThu, 13 Jul 2023 03:15 PM
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टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने डॉमिनिका टेस्ट के साथ अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज कर लिया है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच डॉमिनिका के विंडसर पार्क मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। वेस्टइंडीज ने टॉस जीता और पहले बैटिंग का फैसला लिया। कैरेबियाई टीम महज 150 रनों पर सिमट गई, वहीं भारत ने जवाब में बिना विकेट गंवाए 80 रन बना लिए हैं, जिसमें से 40 रन तो यशस्वी जायसवाल के बल्ले से ही निकले हैं, जबकि कप्तान रोहित शर्मा 30 रन बनाकर नॉटआउट लौटे हैं। जायसवाल अगर मैच के दूसरे दिन 60 रन और बना लेते हैं, इसका मतलब शतक ठोक लेते हैं, तो वह वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली, सुरेश रैना जैसे दिग्गजों के एकदम यूनिक रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। भारत से बाहर करियर डेब्यू करने वाले कुछ ही ऐसे भारतीय बल्लेबाज हैं, जिन्होंने अपने पहले ही मैच में शतक ठोका हो।

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इस लिस्ट में सौरव गांगुली, सुरिंदर अमरनाथ, सुरेश रैना, अब्बास अली बेग, वीरेंद्र सहवाग और प्रवीण आमरे पहले से शामिल हो चुके हैं। गांगुली ने 1996 में लॉर्ड्स के मैदान पर यह कारनामा किया था, जबकि अमरनाथ ने ऑकलैंड में ऐसा कमाल किया था। अमरनाथ ने 1976 में ऐसा किया था। इसके बाद सुरेश रैना ने कोलंबो में 2010 में यह कारनामा किया था। आसिफ अली बेग ने 1959 में मैनचेस्टर में यह कारनामा किया था और ऐसा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज थे।

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सहवाग ने 2001 में दक्षिण अफ्रीका में यह कमाल किया था, तो वहीं प्रवीण आमरे ने 1992 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में डेब्यू टेस्ट में शतक ठोक डाला था। यशस्वी ने पहले दिन जिस तरह से बैटिंग की है, उसके बाद फैन्स को उम्मीद है कि वह इस क्लब में जरूर शामिल हो जाएंगे। मजेदार बात यह है कि जिन खिलाड़ियों ने ऐसा किया है, उनमें से किसी ने भी सलामी बल्लेबाज के तौर पर ऐसा नहीं किया है, तो अगर यशस्वी ऐसा कर लेते हैं, तो वह भारत के पहले ऐसे सलामी बल्लेबाज होंगे, जिन्होंने भारत से बाहर करियर डेब्यू मैच में शतक ठोक डाला होगा।

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