india vs bangladest test series 2nd test match day-night test match it takes 8 days to create sg pink ball - INDvBan Day-Night Test: जानिए कितने दिनों में तैयार होती है SG पिंक बॉल DA Image
16 दिसंबर, 2019|4:00|IST

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INDvBan Day-Night Test: जानिए कितने दिनों में तैयार होती है SG पिंक बॉल

भारत-बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। टीम इंडिया पहला टेस्ट मैच जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे है, जबकि दूसरा टेस्ट मैच 22 नवंबर से कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेला जाना है।

pink ball

भारत और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। टीम इंडिया पहला टेस्ट मैच जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे है, जबकि दूसरा टेस्ट मैच 22 नवंबर से कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेला जाना है। टेस्ट सीरीज के पहले से ही दूसरा टेस्ट सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है, ऐसा इसलिए है क्योंकि पहली बार भारत में डे-नाइट टेस्ट खेला जाना है। डे-नाइट टेस्ट में पिंक बॉल का इस्तेमाल किया जाता है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एसजी पिंक बॉल मैदान पर कैसा बर्ताव करती है। चलिए एक नजर डालते हैं कि एसजी पिंक बॉल बनाई कैसे जाती है और इसे तैयार करने में कितना समय लगता है।

एसजी पिंक बॉल को खास प्रक्रिया और आम गेंदों की तुलना में कई दिनों की मेहनत के बाद तैयार किया जाता है। डे-नाइट फॉरमैट में इस्तेमाल की जाने वाली इन पिंक बॉल के पीछे की कहानी भी काफी दिलचस्प है जिसे तैयार करने में नियमित कूकाबूरा गेंदों की तुलना में करीब आठ दिन का समय लगता है। मेजबान भारतीय टीम सीरीज के दूसरे और अंतिम डे-नाइट टेस्ट को एसजी पिंक बॉल से खेलेगी जबकि नियमित टेस्ट में सफेद रंग की कूकाबूरा गेंदों से खेला जाता है। एसजी गेंदें यानि की सैंसपेरिल्स ग्रीनलैंड्स क्रिकेट गेंदों को भारतीय खिलाड़ी खासा पसंद करते हैं और भारत में रणजी ट्रॉफी जैसा घरेलू टूर्नामेंट भी इन्हीं एसजी गेंदों से खेला जाता है।

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एसजी ब्रांड उत्तरप्रदेश के मेरठ में वर्ष 1950 से ही इन गेंदों का निमार्ण कर रहा है। पिंक बॉल की बात करें तो ये नियमित गेंदों की तुलना में काफी अलग है और इस एक गेंद को तैयार करने में कारीगरों को आठ दिन का समय लगता है जबकि आम गेंदें दो दिन में तैयार हो जाती हैं। इन गेंदों को मुख्य रूप से मशीनों के बजाय हाथों से तैयार किया जाता है और इसमें उपयोग होने वाला चमड़ा भी विदेश से ही आयात किया जाता है।

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