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Hindi News क्रिकेटIND vs ENG: मुकेश कुमार का खुलासा, जसप्रीत बुमराह की मदद से ये 'घातक हथियार' हो रहा और धारदार

IND vs ENG: मुकेश कुमार का खुलासा, जसप्रीत बुमराह की मदद से ये 'घातक हथियार' हो रहा और धारदार

मुकेश कुमार ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले उस चीज के बारे में बताया है, जिसपर उन्हें जसप्रीत बुमराह से सलाह मिलती रहती है। मुकेश ने पिछले साल जुलाई में इंटरनेशनल डेब्यू किया।

IND vs ENG: मुकेश कुमार का खुलासा, जसप्रीत बुमराह की मदद से ये 'घातक हथियार' हो रहा और धारदार
Md.akram लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 22 Jan 2024 03:07 PM
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तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने कड़े संघर्ष के बाद पिछले साल जुलाई में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्होंने सबसे पहले टेस्ट खेला और फिर वनडे टी20 इंटरनेशनल में पदार्पण किया। 30 वर्षीय मुकेश कम अरसे में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे हैं। वह अब 25 जनवरी से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही पांच मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज में नजर आएंगे। उन्हें शुरुआती दो टेस्ट के लिए भारतीय स्क्वॉड में शामिल किया गया है। मुकेश ने आगमी सीरीज से पहले खुलासा करते हुए बताया कि वह धाकड़ पेसर जसप्रीत बुमराह की मदद से यॉर्कर जैसे 'घातक हथियार' को और धारदार बना रहे हैं।

बता दें कि यॉर्कर बॉल तेज गेंदबाजों का बेहद घातक हथियार है, जिसका बल्लेबाज आसानी से तोड़ नहीं ढूंढ पाते। बुमराह को 'यॉर्कर किंग' कहा जाता है और मुकेश उनकी सलाह से और बेहतर यॉर्कर डालने की कोशिश में जुटे हैं। मुकेश ने बताया कि उन्हें और भी कई चीजों पर बुमराह से बेशकीमती सलाह मिलती रहती है। उन्होंने टेलीग्राफ इंडिया के साथ बातचीत में कहा, ''बुमराह भाई मुझे खासतौर पर यॉर्कर पर सलाह देते रहते हैं। वह कहते हैं, 'तू बहुत अच्छा यॉर्कर डालता है। जो कर रहा है, बस वही करता जा।' हम काफी नियमित रूप से बात करते हैं और वह मुझे अन्य सुझाव भी देते हैं, जो स्पष्ट रूप से अनमोल हैं।''

मुकेश ने इस महीने की शुरुआत में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में खेले गए दूसरे टेस्ट में चार विकेट चटकाए थे। वहीं, बुमराह ने 8 और पेसर मोहम्मद सिराज ने 7 शिकार किए। भारत ने यह मैच डेढ़ दिन के भीतर सात विकेट से अपने नाम किया था। गेंदबाजों के बीच तालमेल को लेकर मुकेश ने कहा कि हर एक की अलग भूमिका होती है। उन्होंने कहा, ''यह प्रोसेस काफी हद तक वैसा ही है जैसा मैं, आकाश दीप और इशान पोरेल बंगाल में करते थे।''

उन्होंने आगे कहा, ''यहां हम अपनी-अपनी भूमिकाओं पर भी चर्चा करते हैं। कौन पूरी तरह अटैक करेगा और कौन मेडन ओवरों के साथ चीजों को टाइट रखने पर ध्यान केंद्रित करेगा। केपटाउन में बुमराह भाई मुझसे कह रहे थे कि डॉट गेंदें फेंकते रहो क्योंकि इससे उनपर (दूसरी पारी में) दबाव बढ़ जाएगा। ऐसी स्थिति में मुझे गेंदबाजी करनी पड़ी, जो आखिरकार टीम के लिए फायदेमंद साबित हुई।''

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