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Hindi News क्रिकेटअगर वीरेंद्र सहवाग जैसा बैकअप मुझे मिलता... छलका भारत के टेस्ट ओपनर मुरली विजय का दर्द

अगर वीरेंद्र सहवाग जैसा बैकअप मुझे मिलता... छलका भारत के टेस्ट ओपनर मुरली विजय का दर्द

टीम इंडिया के टेस्ट ओपनर रह चुके मुरली विजय का मानना है कि उन्हें टीम में वीरेंद्र सहवाग जैसी बैकिंग नहीं मिली, अगर ऐसा हुआ होता तो उनका करियर कुछ अलग रहता। मुरली ने सहवाग की जमकर तारीफ भी की।

अगर वीरेंद्र सहवाग जैसा बैकअप मुझे मिलता... छलका भारत के टेस्ट ओपनर मुरली विजय का दर्द
Namita Shuklaलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीTue, 17 Jan 2023 01:30 PM

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टेस्ट क्रिकेट में भारतीय सलामी बल्लेबाजों की बात करें तो सुनील गावस्कर के बाद जिसका नाम सबसे ज्यादा हुआ है, वह वीरेंद्र सहवाग ही रहे हैं। सहवाग टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज के तौर पर नई क्रांति लेकर आए थे और उन्होंने अपनी धाकड़ बल्लेबाजी से लंबे समय तक इस पोजिशन पर राज भी किया। सहवाग हमेशा से अपने खराब फुटवर्क के लिए आलोचकों के निशाने पर रहे, लेकिन उनके टेस्ट रिकॉर्ड्स बताते हैं कि वह कितने असरदार रहे इस फॉर्मेट में। सहवाग के खाते में 8586 टेस्ट रन दर्ज हैं और इस दौरान उन्होंने दो ट्रिपल सेंचुरी और छह दोहरे शतक भी लगाए। सहवाग के रिटायरमेंट के बाद से टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम स्टैब्लिश ओपनर की तलाश करती रही। इसके बाद मुरली विजय, शिखर धवन को आजमाया गया, लेकिन बहुत लंबे समय तक कोई टिक नहीं सका। मुरली विजय का सालों बाद दर्द छलका है। उनका मानना है कि अगर उन्हें सहवाग जैसी बैकिंग टीम मैनेजमेंट से अगर उन्हें मिली होती, तो चीजें कुछ अलग होतीं।

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स्पोर्ट्स स्टार पर डब्ल्यू वी रमन से बातचीत के दौरान मुरली विजय ने कहा, 'सही कहूं तो मुझे वीरेंद्र सहवाग जैसी आजादी नहीं मिली। सहवाग को जो कुछ भी उनके करियर में मिला, मुझे नहीं मिला। अगर मुझे वैसी आजादी मिली होती, तो मैं भी ऐसा कर सकता था। आप को टीम से कैसी बैकिंग मिलती है इसका आपके प्रदर्शन पर असर पड़ता है। हाई लेवल पर आपको अलग-अलग चीजें एक्सपेरिमेंट करने का ज्यादा समय नहीं मिलता है।'

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मुरली विजय ने हाल ही में कहा था कि उनके अंदर अभी क्रिकेट बचा है और जब उन्हें भारत में नहीं मौका मिल रहा है तो वह बाहर जाने के बारे में सोच रहे हैं। विजय ने सहवाग की जमकर तारीफ करते हुए कहा, 'जैसा वह खेले, वैसा वही कर सकते थे और कोई नहीं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए जो कुछ किया वह शानदार था। वह कुछ अलग ही इंसान हैं। मैं उनसे मिला हूं और वह काफी सिंपल थे। उनका मंत्रा सिंपल था गेंद को देखो और हिट करो। गेंदबाज 140-150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करता था और वह गाना गुनगुनाते हुए खेलते थे।'