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ICC World Cup 2019: खराब किस्मत के साथ चोकर्स के ठप्पे से जंग

ICC World Cup 2019: दक्षिण अफ्रीका के लिए यह 8वां विश्व कप टूर्नामेंट होगा, जहां गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और इमरान ताहिर के दम पर वह अपने नाम कर 'चोकर्स' के तमगे से छुटकारा पाना चाहेगी।

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दक्षिण अफ्रीका हमेशा वर्ल्ड कप (ICC World Cup 2019) की मजबूत टीमों में मानी जाती है, पर किस्मत की मारी इस टीम का सफर कई बार सेमीफाइनल तक पहुंचकर थम गया। आईसीसी टूर्नामेंट के बड़े मैचों में बिखर जाने के कारण इस धुरंधर टीम पर चोकर्स का ठप्पा चस्पा हो चुका है। फाफ डुप्लेसी की कमान में टीम इस ठप्पे को हटाने और पहली बार खिताब जीतने का सपना पूरा करने के इरादे से उतरेगी। इसके लिए उन्हें किस्मत के साथ की भी दरकार होगी।

दक्षिण अफ्रीका के लिए यह आठवां क्रिकेट विश्व कप टूर्नामेंट होगा जहां गेंदबाजी में युवा कगिसो रबाडा और अनुभवी इमरान ताहिर के दम पर वह इस खेल के सबसे बडे खिताब को अपने नाम कर 'चोकर्स' के तमगे से छुटकारा पाना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका टीम पर 'चोकर्स' का तमगा 1999 विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला गंवाने के बाद से नहीं हटा है। टीम चार बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची है, लेकिन खिताबी मुकाबले में एक बार भी जगह नहीं बना पाई।

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पहले वर्ल्ड कप में बदकिस्मत
1992 में दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार वर्ल्ड कप में शिरकत की और सेमीफाइनल में स्थान बनाकर सबको हैरान कर दिया। राउंड रॉबिन लीग में आठ में से पांच मैच जीतने वाली टीम विवादास्पद डकवर्थ-लुइस नियम के कारण खिताबी दौर में नहीं पहुंच सकी। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उसे 13 गेंदों पर 22 रन बनाने थे कि बारिश शुरू हो गई। 10 मिनट बाद खेल फिर शुरू हुआ तो लक्ष्य संशोधित कर एक गेंद पर 22 रन कर दिया गया। दो और मौकों पर डकवर्थ-लुइस नियम इस टीम पर भारी पड़ा।

कप्तान पर दारोमदार
टीम की कमान संभालने वाले फाफ डुप्लेसी तीसरी बार वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहे हैं। दाहिने हाथ के इस बल्लेबाज पर टीम की सफलता का दारोमदार रहेगा। डुप्लेसी एंकर की भूमिका बेहतरीन ढंग से निभाते हैं। इसका प्रमाण इस बार आईपीएल में मिला। चेन्नई को फाइनल तक पहुंचाने में वह अहम रहे। वह लेग ब्रेक गेंदबाजी भी कर लेते हैं।

गलतियों से सबक जरूरी
दक्षिण अफ्रीका की टीम 2015 वर्ल्ड कप में खिताब की प्रबल दावेदार थी लेकिन वह सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर बाहर हो गई। वर्षा से बाधित इस मैच में न्यूजीलैंड को जीत के लिए 43 ओवर में 298 रन बनाने थे जो उसने एक गेंद पहले ही बना लिए। वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में फिलहाल यह सबसे बड़ा लक्ष्य है, जिसे हासिल किया गया। दक्षिण अफ्रीका को अपनी पिछली गलतियों से सबक लेना होगा और दवाब में खुद को और ज्यादा निखारना होगा।

 

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डिविलियर्स की कमी खलेगी
दक्षिण अफ्रीकी टीम को इस टूर्नामेंट में अपने दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स की कमी खलेगी। डिविलियर्स ने पिछले साल मई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। हालांकि इसके बाद भी टीम में कई धुंरधर बल्लेबाज हैं, जो किसी भी परिस्थतियों में मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। बल्लेबाजी के अलावा टीम की गेंदबाजी भी काफी मजबूत हैं। देखा जाए तो टीम बहुत संतुलित हैं और खिताब जीतने की क्षमता रखती है।

टीम: फाफ डुप्लेसी, हाशिम अमला, जेपी डुमिनी, इमरान ताहिर, एडिन मार्कराम, क्विंटन डिकॉक, डेविड मिलर, क्रिस मौरिस, एडिले फेलुकुवाओ, ड्वेन प्रिटोरियस, लुंगी एनगिडी, कगिसो रबाडा, तबरेज शम्सी, डेल स्टेन, रॉसी वेन डर डुसेन।

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रिकॉर्ड बुक
55 मैच कुल दक्षिण अफ्रीका ने वर्ल्ड कप में अभी तक खेले
27  पिछले मुकाबलों में दक्षिण अफ्रीका ने 17 जीते और 10 हार
35  में जीत दर्ज की, 18 हारे और दो मुकाबले बेनतीजा रहा
3 वनडे की सीरीज 2017 में इंग्लैंड में खेली और 2-1 से हारी

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