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जिम्बाब्वे के इस खिलाड़ी का छलका दर्द, पूछा- तो क्या अब हम अपना किट बैग जला दें

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने गुरुवार को जिंबाब्वे क्रिकेट बोर्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला किया। जिसके बाद जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के खिलाड़ी निराशा में डूब गए हैं।

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने गुरुवार को जिंबाब्वे क्रिकेट बोर्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला किया। जिसके बाद जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के खिलाड़ी निराशा में डूब गए हैं। आईसीसी के इस फैसले के बाद इन क्रिकेटरों का भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। जिम्बाब्वे के खिलाड़ी पहले ही वेतन न मिलने की समस्या से जूझते रहे हैं। अब उनका देश क्रिकेट नहीं खेलेगा, तो सैंकड़ों खिलाड़ी बेरोजगार हो जाएंगे। यहां तक की उन्हें अब दुनिया के किसी भी क्रिकेट लीग में खेलने का मौका नहीं मिलेगा। क्योंकि इन खिलाड़ियों के साथ अब इन्हें रिप्रजेंट करने वाला कोई बैनर नहीं रहा। आईसीसी के इस फैसले के बाद जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने अपना दर्द जाहिर किया है।

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आईसीसी के फैसले से जिम्बाब्वे के क्रिकेटर निराशा में डूबे
उन्होंने ट्विटर पर अपनी निराशा जाहिर करते हुए लिखा कि अब वो कहां जाएंगे, क्या अब वो अपने किट बैग जला दें। रजा ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत के दौरान अपनी भावनाएं व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट के साथ ही हमारी आजीविका भी हमसे छीन ली गई है। अब मैं जो भी कहूंगा उसका कुछ मतलब नहीं होगा। सिर्फ सुनकर अनदेखा कर दिया जाएगा। मुझे लगा था कि मकसद क्रिकेट के खेल को विकसित करना है, लेकिन ऐसा नहीं है। इस समय हम सभी के दिल टूट गए हैं, ईमानदारी से कहूं, तो हम अभी भी सदमे में हैं। यह देखकर कि हमारा अंतरराष्ट्रीय करियर इस तरह कैसे समाप्त हो सकता है।' 

आईसीसी ने प्रतिबंध कब तक जारी रहेगा यह नहीं बताया
सिकंदर ने कहा, 'सिर्फ एक खिलाड़ी के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए क्रिकेट खेलना अब सपना बन गया है। मैं इतनी आसानी से इस फैसले के साथ नहीं आ रहा हूं, और मुझे यकीन है कि मेरी टीम के साथी भी उसी तरह महसूस करेंगे। हम यहां से कहां जाएंगे? क्या और कोई रास्ता है? मुझे नहीं पता कि क्या रास्ता है। हमें बताया गया है कि हमें निलंबित कर दिया गया है लेकिन कब तक, ये नहीं बताया गया है। दो साल का निलंबन मूल रूप से बहुत सारे खिलाड़ियों के करियर का अंत कर सकता है। हम शर्तों को नहीं जानते, लेकिन क्रिकेट खेलने से हमें पूरी तरह से निलंबित किया जा चुका है। क्या अब हमारे लिए क्लब क्रिकेट रास्ता है या कोई क्रिकेट नहीं है? क्या अब हम अपनी किट जला दें और नौकरियों के लिए आवेदन देना शुरू कर दें? मुझे नहीं पता कि हमें अभी क्या करना है।'

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सिकंदर रजा ने ट्विटर पर व्यक्त किया अपना पूरा दर्द
रजा ने ट्वीट किया, 'कैसे एक फैसले ने टीम को अजनबी बना दिया। कैसे एक फैसले ने बहुत से लोगों को बेरोजगार कर दिया। कैसे एक फैसले ने बहुत से परिवारों को प्रभावित किया है। कैसे एक फैसले से कई करियर खत्म हो गए। मैं इस तरह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कभी अलविदा नहीं कहना चाहता था।' गौरतलब है कि जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड पर आईसीसी ने यह प्रतिबंध इसलिए लगाया है क्योंकि उसने अपने कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप को खत्म करने का वादा पूरा नहीं किया। आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि जिंबाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने संविधान का उल्लंघन किया है इसी वजह से उन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रतिबंध लगने के बाद जिंबाब्वे की क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाएगी।

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  • Web Title:ICC suspension of Zimbabwe Cricketers leaves in limbo Sikander Raza asks Should we burn our kit bags