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अगर ICC ने लगा दी मुहर तो TOSS के लिए नहीं उछाला जाएगा सिक्का!

Toss in cricket match

क्रिकेट के सबसे पुराने और कठिन फॉर्मेट यानि टेस्ट क्रिकेट में बदलावों को लेकर आए दिन नए विचार सामने आते रहते हैं। डे-नाइट टेस्ट के शुरू होने से इसे टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रीयता का नया तरीका माना गया। इसके बाद आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट वर्ल्ड का भी आयोजन करवाने का फैसला किया। अब आईसीसी एक ऐसा बदलाव करने जा रही है जो क्रिकेट के पारंपरिक का रूप का सबसे बड़ा चेंज हो सकता है। 

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आईसीसी, अतंरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट फॉर्मेट में सिक्का उछालकर टॉस करने की सबसे पुरानी परंपरा को बंद करने पर विचार कर रही है। आईसीसी के इस नए प्रस्ताव से 'Coin Toss' को लेकर फिर से बहस छिड़ गई है। आईसीसी का कहना है कि द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज में सिक्के से टॉस करने के प्रोसेस को खत्म किया जाना चाहिए। यह जानकारी मुंबई में हुई ICC की मीटिंग के बाद 'cricinfo' के हवाले से दी गई है।

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...तो इसलिए बंद करना चाहते हैं टॉस
आईसीसी का मानना है कि सिक्का उछालकर टॉस करने मेजबान टीम को अनावश्यक फायदा मिल जाता है। जानकारों का कहना है कि द्विपक्षीय सीरीज में वैसे भी मेजबान टीम होम ग्राउंड या पिच को अपने हिसाब से तैयार करवाकर फायदे में रहती है। ऐसे में टॉस करवाने से होम टीम को एक और अतिरिक्त फायदा मिल जाता है। ICC की रिपोर्ट में लिखा है, 'ये एक गंभीर मामला है कि होम टीम काफी हद तक अपनी सुविधा अनुसार पिचों को तैयार करवाती है। ऐसे में टॉस अपने-आप दूसरी को जिता देना चाहिए।' हालांकि कमेटी के कई सदस्य इस नए विचार से सहमत नहीं हैं।

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 काउंटी क्रिकेट में होता है नए तरह का टॉस
आपको बता दें कि ये पहले ऐसा मौका नहीं है जब क्रिकेट में टॉस के बदलाव की बात हो रही है। टॉस के बदलाव का नियम इससे पहले 2016 में काउंटी क्रिकेट के दौरान सामने आया था। हालांकि इसमें टॉस को पूरी तरह से खत्म नहीं किया गया है बल्कि ऑप्शनल रखा गया है। काउंटी में टॉस के नए नियमों के अनुसार महमान टीम के कप्तान को पहले बॉलिंग करने का न्यौता दिया जाता है। अगर वो न्यौता मंजूर करता है तो टॉस नहीं होगा लेकिन अगर वो बॉलिंग करना नामंजूर करता है तो फिर सिक्के से टॉस कराने का विकल्प होता है।

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क्या टॉस नहीं करवाने से कोई फायदा होगा 
वैसे तो अभी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में टॉस को लेकर कई विचार-विमर्श होने बाकी हैं। लेकिन काउंटी क्रिकेट के नतीजे कुछ और ही कहते हैं। आप देखेंगे कि ECB (इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड) के आंकड़ों के मुताबिक टॉस के नए नियमों के बाद 2016 में 85 प्रतिशत मैच चौथे दिन पर पहुंचे। ये साल 2015 के 74% के आंकड़े से ज्यादा है। इसके साथ ही काउंटी के मैचों के नतीजे आने और मैच ड्रॉ होने की संभावना भी लगभग 50-50 प्रतिशत थी। 

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  • Web Title:icc committee new reports proposed eradicating toss with coin during international test matches