DA Image
हिंदी न्यूज़ › क्रिकेट › अंपायर साइमन टॉफेल का खुलासा, गलत आउट देने पर भी नाराज नहीं हुए थे सचिन तेंदुलकर
क्रिकेट

अंपायर साइमन टॉफेल का खुलासा, गलत आउट देने पर भी नाराज नहीं हुए थे सचिन तेंदुलकर

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Mohan Kumar
Sat, 08 Aug 2020 06:34 AM
अंपायर साइमन टॉफेल का खुलासा, गलत आउट देने पर भी नाराज नहीं हुए थे सचिन तेंदुलकर

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अंपायर साइमन टॉफेल का कहना है कि 2007 के ट्रेंट ब्रिज टेस्ट मैच में भारत के स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को शतक के करीब पहुंचने पर पगबाधा आउट देने के गलत निर्णय के बावजूद दोनों के बीच रिश्ते खराब नहीं हुए थे बल्कि एक दूसरे के प्रति सम्मान और बढ़ गया था। टॉफेल को वर्ष 2004 से 2008 तक लगातार पांच वर्ष आईसीसी अंपायर ऑफ द ईयर चुना गया था और उनकी गिनती दुनिया के बेहतरीन अंपायरों में होती है लेकिन भारत के क्रिकेट प्रशंसक उनके 2007 के टेस्ट मैच में सचिन को शतक के करीब पहुंचने पर आउट देने के निर्णय को आज भी नहीं भूले हैं।

कोझिकोड विमान हादसे पर विराट कोहली ने जताया दुख, जानें क्या कुछ

टॉफेल ने 2007 के ट्रेंट ब्रिज टेस्ट मैच में सचिन को शतक के करीब पहुंचने पर पॉल कोलिंगवुड की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया था, जबकि रिप्ले से साफ था कि गेंद ऑफ स्टंप से एक इंच दूर थी। एक शो में उन्होंने इस पर बात करते हुए कहा कि इस निर्णय के अगले दिन उनकी सचिन से मैदान पर जाते समय खुलकर बात हुई जिससे उनके बीच एक दूसरे के प्रति सम्मान से भरा रिश्ता विकसित होने में मदद मिली।

वर्ष 2007 के टेस्ट मैच में सचिन 91 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब टॉफेल ने उन्हें आउट दे दिया था। टॉफेल ने उस वाकये को याद करते हुये कहा कि मैंने थोड़ा विचार करने के बाद सचिन को आउट दे दिया था। जाहिर है सचिन उस फैसले से खुश नहीं थे। वह मैदान से तुरंत चले गए थे। मैं देख सकता था कि वह खुश नहीं थे। उन्होंने कहा कि बाद में यह स्पष्ट हुआ कि निर्णय में गलती हुई है। इसके बाद मुझे पता था कि इसे लेकर विश्व किक्रेट से किस तरह की प्रतिक्रिया मिलने वाली है। इसके बाद मैंने क्रिकइन्फो नहीं खोला, मैंने काई भी अखबार नहीं पढ़ा। मुझे पता था मैं मीडिया में महीने तक निशाने पर रहूंगा।

टॉफेल ने कहा, “अगली सुबह मैदान में उतरने के बाद मेरी सचिन से मुलाकात हुई। मैंने उनसे कहा देखो, कल मैं गलत समझा था, तुम इसे जानते हो। मैंने इसे देखा है, मैंने गलत निर्णय दिया था। उन्होंने (सचिन) ने कहा कि साइमन मैं जानता हूं कि आप एक अच्छे अंपायर हैं, आप अक्सर गलती नहीं करते हैं। इसके बारे में चिंता नहीं करें।”

टॉफेल ने कहा, “मैं उन्हें (सचिन) या खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए ऐसा नहीं कह रहा था। यह इस बात को स्वीकार करना था कि हम दोनों मैदान में अच्छा करने का पूरा प्रयास कर रहे थे। यह खेल है और मैं यह स्वीकार करना चाहता था कि मैं सच्चाई जानता हूं।”

IPL 2020: फ्रेंचाइजियों ने शुरू की क्वारंटाइन और जांच प्रक्रिया

उन्होंने कहा, “हमारे बीच एक दूसरे की क्षमताओं के लिए परस्पर सम्मान है। मैंने सिर्फ उस एक मौके पर नहीं बल्कि कई बार सचिन को गलत आउट दिया है। मैंने उन सभी उदाहरणों से सीखा है। उन गलतियों के अलावा एक चीज जो हमेशा मेरे पास रहेगी वह है हमारे बीच सम्मान और विश्वास से भरा रिश्ता।”

टॉफेल ने कहा कि इसके अलावा सचिन को कई मौकों पर गलत निर्णय का लाभ भी मिला है, दिल्ली में 2005 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान ऐसा ही हुआ था, जहां सचिन को इसका लाभ मिला था और उन्होंने अपना 35वां टेस्ट शतक लगाकर सुनील गावस्कर का सर्वाधिक शतकों का रिकॉर्ड तोड़ा था।

संबंधित खबरें