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पूर्व बैटिंग कोच ग्रांट फ्लावर ने बयान किया आतंकग्रस्त पाकिस्तान में रहने का डर

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच रहे ग्रांट फ्लावर ने आतंकग्रस्त इस देश में रहने के अपने कड़वे अनुभवों को साझा किया है।

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पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच रहे ग्रांट फ्लावर ने आतंकग्रस्त इस देश में रहने के अपने कड़वे अनुभवों को साझा किया है। ग्रांट फ्लावर ने बताया कि पाकिस्तान में रहने के दौरान उनके लिए आजादी की कमी और सुरक्षा का डर सबसे निराशाजनक बात थी। साल 2014 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच बने जिम्बाब्वे के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज के करार को पीसीबी ने फिर से आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया। ईएसपीएनक्रिकइंफो को दिए साक्षात्कार में जब फ्लावर से पूछा गया कि पाकिस्तान में रहने के दौरान उनके लिए सबसे निराशाजनक बात क्या थी तो उन्होंने कहा, 'सुरक्षा का मामला और आजादी की कमी।'

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ग्रांट फ्लावर ने की पीसीबी की जमकर आलोचना
पांच साल तक टीम के साथ जुड़े रहे इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि चैम्पियन्स ट्रॉफी के फाइनल में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करना उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। ग्रांट फ्लावर से जब पूछा गया कि पाकिस्तान टीम का साथ छुटने के बाद उन्हें किस बात की कमी महसूस नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'कुछ पूर्व खिलाड़ियों के द्वारा पीठ के पीछे की जाने वाली शिकायत और टेलीविजन चैनलों पर होने वाली बहस जिसमें पत्रकारों के साथ पीसीबी की राजनीति भी होती है। जाहिर है मुझे इन चीजों की कमी महसूस नहीं होगी।' गौरतलब है कि पीसीबी ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के विश्व कप के लीग चरण से ही बाहर होने के बाद मिकी आर्थर सहित पूरे कोचिंग स्टाफ का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था।

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  • Web Title:Grant Flower recalls the horrible experience of living in terrorism prone Pakistan during his coaching period