KKR के पूर्व कोच ने बताया, गौतम गंभीर ने कैसे सुनील नरेन को टीम में शामिल करवाया
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के पूर्व सहायक कोच विजय दहिया ने हाल ही में गौतम गंभीर को लेकर एक खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि किस तरह ऑफ स्पिनर सुनील नरेन को...

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के पूर्व सहायक कोच विजय दहिया ने हाल ही में गौतम गंभीर को लेकर एक खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि किस तरह ऑफ स्पिनर सुनील नरेन को टीम में लेने के लिए गंभीर ने 2012 के ऑक्शन से पहले टीम मैनेजमेंट से गुजारिश की थी। गौतम गंभीर 2011 में केकेआर के कप्तान बने थे और टीम को पहली बार प्लेऑफ तक लेकर गए थे। गंभीर ने सौरव गांगुली की जगह कप्तानी संभाली। प्लेऑफ तक टीम को ले जाने की सफलता के बाद गंभीर अगले सीजन में और बेहतर करना चाहते थे, इसलिए वह चाहते थे कि उनकी टीम में सुनील नरेन शामिल हों।
सुनील नरेन ने 2011 की चैंपियंस लीग में त्रिनिदाद और टोबैगो की तरफ से खेलते हुए 15 विकेट लिए थे। उनकी शानदार परफॉर्मेंस टीम की सफलता का कारण बनी थी। नरेन के इस कारनामे ने गौतम गंभीर को इस बात के लिए राजी किया कि उन्हें केकेआर का कॉन्ट्रैक्ट मिले।
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विजय दहिया ने स्पोर्ट्सकीड़ा से बातचीत करते हुए कहा, ''मुझे याद है कि ऑक्शन से पहले वह ऑस्ट्रेलिया में थे। भारतीय क्रिकेट टीम अपने ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर थी। उन्होंने वहां कॉल किया और कहा कि किसी भी तरह से सुनील मुझे अपनी तरफ चाहिए। और इसी तरह के लीडर की आपको जरूरत होती है।''
तब से ही सुनील नरेन केकेआर की टीम का एक जरूरी हिस्सा हैं। पिछले आठ सीजन में नरेन ने अबतक122 विकेट झटके हैं। 2013 में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ हैट्रिक सहित आईपीएल के आठ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में नरेन शामिल हैं। 2012 में गौतम गंभीर की कप्तानी में केकेआर ने पहला आईपीएल खिताब जीता था। इसके दो साल बाद टीम ने फिर से आईपीएल खिताब अपने नाम किया था। इस दौरान इन दोनों विजेता सीजन में सुनील नरेन ने 24 और 21 विकेट हासिल किए थे।
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विजय दहिया ने एक उदाहरण देते हुए गौतम गंभीर के नेतृत्व कौशल की सराहना की। 2011 में केकेआर में शामिल होने के बाद यूसुफ पठान का सीजन 2012 कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने 17 मैचों में सिर्फ 194 रन बनाए थे। लेकिन उन्हें बेंच पर बिठाने की जगह गंभीर ने इस ऑल राउंडर को सपोर्ट किया। गंभर के इस फैसले का अच्छा नतीजा भी निकला और अगले चार सीजन में पठान ने 6 अर्धशतकों के साथ 1273 रन बनाए। पठान ने 2016 में ही तीन अर्धशतक जड़ेय़
उन्होंने कहा, ''गौतम गंभीर एक ऐसे लीडर हैं, जो आपको खुद को साबित करने की आजादी देते हैं। अगर आप देखें तो यूसुफ पठान, गौतम गंभीर और रजत भाटिया ये तीनों खिलाड़ी सीजन में सभी मैच खेले थे। क्योंकि कंडिशंस ऐसी थी। रजत वहां थे, लेकिन यूसुफ को गंभीर का सपोर्ट मिला। यूसुफ बहुत प्रेशर था, क्योंकि वह रन नहीं बना रहे थे। गौतम ने उन्हें सपोर्ट किया। उन्होंने यूसुफ से बात की। सपोर्ट स्टाफ ने भी उनसे बात की और उन्हें सपोर्ट किया।''



