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अपने आखिरी मैच में गौतम गंभीर ने ठोका शतक, कहा- दुश्मन बनाए पर चैन से सोया

अपनी बेबाकी के लिए मशहूर गौतम गंभीर को अपने क्रिकेट करियर के बारे में किसी चीज के लिए कोई मलाल इसलिए नहीं है क्योंकि वह रात में शांति से सो पाते थे।

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अपने करियर का आखिरी प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे गौतम गंभीर ने शतकीय पारी खेल कर आंध्र के खिलाफ रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप बी मैच के तीसरे दिन दिल्ली को पहली पारी मे बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दिल्ली ने दिन की शुरूआत एक विकेट पर 190 रन से आगे से की। शुक्रवार को 92 रन पर नाबाद रहे गंभीर ने शनिवार को प्रथम श्रेणी करियर का 43वां शतक लगाया। उन्होंने 185 गेंद की पारी में 10 चौकों की मदद से 112 रन बनाए। शतकीय पारी खेलने के अलावा गंभीर ने कप्तान ध्रुव शोरे (98) के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी को शोएब मोहम्मद खान (138 रन पर तीन विकेट) ने गंभीर को विकेटकीपर कोना भरत के हाथों कैच कराकर पारी का अंत किया। शोरे दो रन से शतक बनाने से चूक गये। उन्होंने 259 गेंद की पारी में छह चौके की मदद से 98 रन बनाये। शोरे को मनीष गोलामारू (126 रन पर तीन विकेट) ने पवेलियन भेजा। आंध्र ने दिल्ली के बल्लेबाजों को आउट करने के लिए 8 गेंदाबाजों का सहारा लिया लेकिन मनीष और शोएब के अलावा साइ कृष्णा (एक रन पर एक विकेट) को ही सफलता मिली। 

'मैंने दुश्मन बनाए पर चैन से सोया'         
अपनी बेबाकी के लिए मशहूर गौतम गंभीर को अपने क्रिकेट करियर के बारे में किसी चीज के लिए कोई मलाल इसलिए नहीं है क्योंकि वह रात में शांति से सो पाते थे। उनके दोस्तों के बजाय उनके दुश्मनों की संख्या ज्यादा रही है। गंभीर रविवार को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से संन्यास लेने को तैयार हैं उन्होंने पीटीआई को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा, 'यह बात सिर्फ क्रिकेट तंत्र में ही नहीं है बल्कि हमारे समाज में यह आम है कि किसी को भी उसकी कमियां बताया जाना पसंद नहीं आता। हम सच्चाई को नहीं देखते, अपना दर्जा बनाए रखना चाहते हैं। मुझे इससे घुटन होती है।' भले ही चयनकर्ता हों या फिर डीडीसीए प्रबंधन, गंभीर ने क्रिकेट संबंधित मुद्दों पर उसी का साथ निभाया जो उन्हें सही लगा। उन्होंने कहा, 'मैं गलत चीजें और बनावटीपन बर्दाश्त नहीं कर सकता। मुझे काफी लोग कहते हैं कि मैं थोड़ा सा नम्र हो सकता था लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता। हां, मैंने दुश्मन बनाए लेकिन मैं शांति से सोया।'

'मैं अनुचित होते नहीं देख सकता'         
गौरतलब है कि साल 2017 में दिल्ली रणजी टीम के पूर्व कोच केपी भास्कर से गाली गलौच हो गई थी। गौतम गंभीर ने आरोप लगाया था पूर्व कोच केपी भास्कर जूनियर खिलाड़ियों का करियर बर्बाद करने की कोशिश कर रहे थे। वहीं गौतम गंभीर ने गेंदबाज नवदीप सैनी को लेकर चेतन चौहान से बहस कर ली थी। वह एक राज्य चयनकर्ता पर भी नाराज हो गए थे क्योंकि दिल्ली की टीम के लगातार तीन रणजी मैच जीतने के बाद यह चयनकर्ता निचले स्तर के क्लब क्रिकेटर को टीम में शामिल करना चाहता था। इस प्रश्न पर कि क्या वह कभी भयभीत नहीं हुए कि इससे उनके करियर पर प्रभाव पड़ सकता था? तो उन्होंने कहा, 'निश्चित रूप से इससे मैं प्रभावित हुआ। मैं भी इंसान हूं लेकिन जैसा कि मैंने कहा कि मैं अनुचित चीजों को होते हुए नहीं देख सकता।'

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  • Web Title:Gautam Gambhir scores century against Andhra Pradesh in his Farewell Match at Feroz Shah Kotla in Ranji Trophy