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हिंदी न्यूज़ क्रिकेटसांसद होने के बाद भी IPL में काम करने के सवाल पर गौतम गंभीर का करारा जवाब, बोले- मेरे पास कोई पेड़ नहीं जहां से पैसे तोड़ लूं

सांसद होने के बाद भी IPL में काम करने के सवाल पर गौतम गंभीर का करारा जवाब, बोले- मेरे पास कोई पेड़ नहीं जहां से पैसे तोड़ लूं

गंभीर से सांसद होने के बावजूद उनके IPL में काम करने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अगर वह काम या कमेंट्री नहीं करते हैं तो वह अपनी सामाजिक कल्याण परियोजनाओं के लिए फंड नहीं दे पाएंगे।

सांसद होने के बाद भी IPL में काम करने के सवाल पर गौतम गंभीर का करारा जवाब, बोले- मेरे पास कोई पेड़ नहीं जहां से पैसे तोड़ लूं
Himanshu Singhलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSat, 04 Jun 2022 04:13 PM

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भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक रहे गौतम गंभीर ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद राजनीति में अपना करियर बनाया। लेकिन इसके बावजूद उनका क्रिकेट से लगाव कम नहीं हुआ और वह बतौर लीडर भी क्रिकेट से जुड़े रहे। वह बतौर कमेंटेटर या इंडियन प्रीमियर लीग में फ्रेंचाइजी के मेंटॉर के रूप में काम करते हुए नजर आए। एक कार्यकारी सांसद होने के बावजूद उनके आईपीएल और कमेंट्री के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने करारा जवाब दिया।

गौतम गंभीर पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं। एक राजनेता के रूप में भारत के पूर्व क्रिकेटर ने गांधी नगर में 'जन रसोई' नाम से एक रसोई की खुलवाई है, जो एक रुपये में लोगों को भोजन उपलब्ध कराती है। उन्होंने क्षेत्र में एक पुस्तकालय भी बनवाया है।

बीजेपी के 8 साल सत्ता में रहने पर एक मीडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान गंभीर से आईपीएल फ्रेंचाइजी और कमेंट्री भूमिकाओं के साथ उनके जुड़ाव के बारे में पूछा गया। क्रिकेटर से नेता बने इस क्रिकेटर ने बताया कि गरीबों के लिए वह जो कल्याणकारी काम कर रहे हैं, उसे जारी रखने के लिए उन्हें वहां काम करना पड़ता है। 

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गौतम गंभीर ने कहा, ''मैं आईपीएल में कमेंट्री क्यों करता हूं या इसमें काम करता हूं क्योंकि मैं 5000 लोगों को खिलाने के लिए हर महीने 25 लाख रुपये खर्च करता हूं। यह लगभग 2.75 करोड़ रुपये हर साल का होगा। मैंने पुस्तकालय बनाने के लिए 25 लाख रुपये भी खर्च किए हैं। मैं यह सारा पैसा अपनी जेब से खर्च करता हूं, न कि एमपीलैड फंड से। एमपीलैड फंड मेरी रसोई या मेरे द्वारा किए जाने वाले अन्य कामों को नहीं चलाता है। मेरे घर में एक ऐसा पेड़ भी नहीं है, जहां से मैं पैसे तोड़ सकूं।''

उन्होंने आगे कहा, ''सिर्फ इसलिए मैं काम करता हूं, क्या मैं उन 5000 लोगों को खाना खिला पा रहा हूं या उस पुस्तकालय की स्थापना कर पा रहा हूं। मुझे यह कहने में कोई शर्म नहीं है कि मैं कमेंट्री करता हूं और आईपीएल में काम करता हूं। यह सब जो मैं करता हूं उसका एक अंतिम लक्ष्य है।''

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