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24 नवंबर, 2020|12:35|IST

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सौरव गांगुली के कप्तान बनने की राह नहीं थी आसान, पूर्व सिलेक्टर ने बताया- सचिन के इस्तीफे के बाद कैसे मिली टीम इंडिया की कमान

file image of sourav ganguly celebrating  file

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने उस वक्त टीम इंडिया की कमान संभाली थी, जब टीम सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही थी। भारतीय क्रिकेट मैच फिक्सिंग के जाल में फंसा हुआ था और सचिन तेंदुलकर कप्तानी से इस्तीफा दे चुके है। इन मुश्किल समय में गांगुली ने ना केवल टीम की कमान संभाली, बल्कि खिलाड़ियों में एक नया आत्मविश्वास भी भरा। उन्होंने एक एक ऐसी टीम तैयार की, जिसने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदल दी। सचिन के इस्तीफे के बाद कप्तान बनना गांगुली के लिए भी आश्यर्यजनक था। सौरव गांगुली के कप्तान सफर बनने का आसान नहीं था, क्योंकि लाइन में अनिल कुंबले और अजय जडेजा तैयार थे।

भारतीय क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख अशोक मल्होत्रा (जो उस समय चयन समिति का भी हिस्सा थे) ने बताया है कि किस तरह सौरव गांगुली को कप्तान बनाया गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें उप कप्तान बनाने का काम ही कितना मुश्किल था, लेकिन सचिन तेंदुलकर के कप्तान पद छोड़ने के  बाद उनका रास्ता आसान हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि उस वक्त कोच नहीं चाहते थे कि गांगुली उप कप्तान बने।

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स्पोर्ट्सकीड़ा के फेसबुक लाइव पर एक इंटरव्यू में अशोक मल्होत्रा ने कहा, ''देखिये यदि मुझे ठीक से याद है तो सौरव गांगुली को उप कप्तान बनाना मुश्किल काम था। मुझे याद है कि हमने कोलकाता में उन्हें चुना। कोच ने उस समय कहा था कि गांगुली बहुत ज्यादा कोक पीते हैं।  वह सिंगल्स लेते हैं, डबल नहीं लेते। इस पर मैंने कहा था कि थम्प्सअप उन्हें उपकप्तान बनने के लिए डिस्क्वॉलिफाई नहीं करता। इसके बाद हमारी बहुत लंबी बात हुई। काफी चर्चा के बाद सौरव गांगुली के पक्ष में 3-2 से निर्णय हुआ था।''

उन्होंने आगे कहा, ''मैं चेयरमैन का नाम नहीं लूंगा, लेकिन वह सिलेक्शन के बीच में आ गए। बीसीसीआई के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने और चेयरमैन ने हमसे इस पर दोबारा विचार करने के लिए कहा।''

उन्होंने बताया, ''हममें से दो अपने फैसलों पर अडिग थे, लेकिन एक सिलेक्टर ने कहा कि अध्यक्ष ने कह दिया है तो मैं उनसे साथ ही जाऊंगा। उस समय गांगुली को उप कप्तान नहीं बनाया गया, लेकिन बाद में वह कप्तान बने। मैं जानता हूं कि वह एक लीजेंडरी कप्तान हैं। लेकिन उन्हें कप्तान और उप कप्तान बनाने में थोड़ी-सी हमारी भी भूमिका है।''

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उन्होंने कहा, ''हममें से कोई नहीं जानता था कि सौरव कप्तान बन जाएंगे। तब सचिन कप्तान थे, लेकिन जब उन्होंने कप्तानी से इस्तीफा दिया तो हम सब इस बात से सहमत हो गए कि गांगुली को टीम की बागडोर सौंप दी जाए, क्योंकि अनिल कुंबले और अजय जडेजा भी लाइन में थे। मुझे उस समय बहुत काम करना पड़ा। ''

सौरव गांगुली के कप्तान बनने के बाद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के 16 जीत के विजयरथ को रोक दिया। यह 2001 की बात है। भारत ने स्टीव वॉ के नेतृत्व वाली टीम को 2-1 से टेस्ट सीरीज हराई। 2002 में भारत ने इंग्लैंड में त्रिकोणीय नेटवेस्ट सीरीज जीती। 2004 में इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ कराई। 2004 में ही उन्होंने पाकिस्तान से सीरीज जीती। आज गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं और उन्हें भारत का सफलतम कप्तान माना जाता है।

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  • Web Title:Former selector reveals hurdles Sourav Ganguly faced en route India captaincy after Sachin Tendulkar resigned