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पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगड़ ने कहा- नबंर-4 खिलाड़ी को लेकर फैसला टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स का था

बांगड़ ने बताया कि वो इस पद से हटाए जाने को लेकर निराश हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि टीम ने जिस तरह से उनके कार्यकाल में प्रदर्शन किया उसको लेकर उन्हें टीम पर गर्व है।

sanjay bangar and ravi shastri

टीम इंडिया के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगड़ ने इस पद से हटने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। बांगड़ ने बताया कि वो इस पद से हटाए जाने को लेकर निराश हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि टीम ने जिस तरह से उनके कार्यकाल में प्रदर्शन किया उसको लेकर उन्हें टीम पर गर्व है। बांगड़ मुख्य कोच रवि शास्त्री के साथ कोचिंग स्टॉफ का हिस्सा थे और बल्लेबाजी कोच के पद पर कार्यरत थे।

अपने पांच साल के सफल कार्यकाल के बावजूद उन्हें पद से बेदखल कर दिया गया और अपना पद गंवाने वाले वो कोचिंग स्टॉफ के इकलौते सदस्य थे।  पूर्व बल्लेबाजी कोच ने कहा कि टीम उनके कार्यकाल के दौरान लगातार तीन साल तक नंबर एक टेस्ट रैंकिंग पर रही। उन्होंने कहा कि वो अभी तुरंत प्रभाव से देश के बाहर किसी कोचिंग पद पर काम नहीं करेंगे क्योंकि वो पिछले पांच सालों से लगातार यात्रा कर रहे हैं। बांगड़ ने कहा, 'दुखी होना एक सामान्य सी भावना है लेकिन ये कुछ ही दिनों के लिए होती है। मैं बीसीसीआई और सभी कोचों डंकन फ्लेचर, अनिल कुंबले और रवि शास्त्री को भी पांच सालों तक भारतीय टीम के साथ काम करने का मौका दिए जाने पर शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।'

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'वनडे में भी टीम ने काफी सुधार किया'

दोबारा भारतीय टीम के कोच बनाए गए शास्त्री के सपोर्ट स्टॉफ में अन्य सभी कोचों के कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू किए गए लेकिन बतौर बल्लेबाजी कोच बांगड़ ही इकलौते ऐसे कोच रहे जिन्हें पद से हटा दिया गया। बांगड़ की जगह वर्तमान में पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ विक्रम राठौड़ को बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, 'साल 2014 से ही टीम ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया और लगातार तीन सालों तक नंबर एक टेस्ट टीम भी रही, मुझे इस बात से खुशी मिलती है। हमने 52 टेस्टों में से 30 जीते जिनमें से 13 विदेशी जमीन पर थे। हमने वनडे में भी बहुत सुधार किया और ये बड़ी सफलता है।' हालांकि विश्वकप से टीम के बाहर होने और सीमित फॉरमैट में चौथे नंबर पर किसी बल्लेबाज का ठीक से प्रदर्शन नहीं कर पाना बांगड़ के लिए आलोचना का कारण बन गया।

'नंबर चार के लिए खिलाड़ी टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं ने चुने'

उनके कार्यकाल में लोकेश राहुल, शिखर धवन और विजय शंकर ने इस क्रम पर खेला लेकिन सफल नहीं रहे। पूर्व बल्लेबाजी कोच ने कहा, 'नंबर चार क्रम के लिए पूरे टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं ने खिलाड़ी चुने। इस पद पर किसी खिलाड़ी को उसकी मौजूदा फॉर्म और फिटनेस के आधार पर चुना गया था।' 

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  • Web Title:Former India batting coach Sanjay Bangar says team management and selectors were part of decision on No 4 spot