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Father's Day Special: मोहम्मद शमी के पिता ने खेत में बनवा दी थी सीमेंट की पिच

यूं तो हर माता पिता का योगदान अपने बेटे को बनाने में होता है पर कुछ कहानियां इतिहास के पन्नों में अमर हो जाती हैं। ऐसे ही एक पिता तौसीफ अहमद का जिक्र करना जरूरी है क्योंकि उन्होंने अपने बेटे मोहम्मद शमी को विश्वस्तरीय क्रिकेटर बनाने में खुद को भी तपाया। तौसीफ अहमद अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन शमी के साथ उनकी दुआएं हमेशा रहेगी।

अमरोहा के अली नगर सहसपुर गांव में एक साधारण किसान तौसीफ अहमद ने जीवन संघर्ष में गुजारा। क्रिकेट के शौकीन तौसीफ ने शमी को बड़ा क्रिकेटर बनाने की ठानी और कोच बनकर वह खुद क्रिकेट सिखाने में जुट गए। खेत पर सीमेंटेड पिच बनवा दी। शमी वहीं अभ्यास करने लगे। दो साल बाद 2004-05 में उन्होंने शमी को मुरादाबाद में कोच बदरुद्दीन के पास भेज दिया। वहां ट्रेनिंग शुरू हो गई। पहले यूपीसीए से कोशिश की बाद में कोलकाता पहुंचे। तौसीफ ने बेटे के लिए कानपुर से कोलकाता कई बार नापा। सफलती मिली और शमी वहीं से रणजी खेले फिर टीम इंडिया में चयन हो गया। बदरुद्दीन ने कहा कि शमी ने अपने वालिद का सपना पूरा कर दिया।

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शमी से कहते थे तौसीफ
मैं खुद क्रिकेटर बनना चाहता था नहीं बन सका, पर बेटा तुझे मेरा सपना पूरा करना है। एक दिन लोग तेरे लिए दीवाने हों। तू जब खेले तो टीवी देख कर लोग तालियां बजाएं। उस दिन मेरा सीना फख्र से चौड़ा हो जाएगा। तू यह कर सकता है। मैंने उस गेंदबाज को देखा है जो तेरे अंदर दिखाई देता है...मेरी दुआ हमेशा तेरे साथ है। 

ट्विटर हैंडल पर वालिद की तस्वीर
शमी अपने वालिद से बहुत प्रभावित थे। अभी तक उनके ट्विटर के कवर पर वालिद तौसीफ की फोटो लगी है। जिसमें वह अस्पताल में भर्ती थे। तभी खाना खाते वक्त शमी ने उसी दौरान सेल्फी ली। वही फोटो शमी ने लगा रखी है।

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  • Web Title:Fathers Day Special Mohammed Shami Father made cemented pitch in his farm