DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

फादर्स डे स्पेशल: बेटे कुलदीप को चाइनामैन गेंदबाज बनाकर सपना किया साकार 

kuldeep yadav with his parents

चाइनामैन कुलदीप यादव को आज पूरी दुनिया जानती है। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने के पीछ उनके संघर्षशील पिता राम सिंह यादव का बहुत बड़ा योगदान है। जीवन के संघर्ष के बीच राम सिंह ने कभी भी अपने इकलौटे बेटे के सपने से समझौता नहीं किया। जब कभी कुलदीप को निराशा मिली, उन्होंने पिता नहीं दोस्त बनकर समझाया। आगे बढ़ने की प्रेरणा देकर मजबूत बनाया। इसी के चलते आज कुलदीप यादव इंडिया के बेहतरीन स्पिन गेंदबाजों में से एक हैं। अब राम सिंह का एक ही सपना है कि उनका बेटा भी विश्वकप-2019 फतह कर लौटे। 

पिता राम सिंह यादव बताते हैं आम पिता की तरह ही उन्होंने सोचा था कि बेटा डॉक्टर या फिर इंजीनियर बनेगा। एक दिन कुलदीप ने पिता से कहा कि वह क्रिकेट में करियर बनाना चाहते हैं, तो पिता ने काफी देर सोचा और फिर रजामंदी दे दी। पिता राम सिंह का ईंट भट्ठे का व्यवसाय है, जबकि मां उषा यादव गृहिणी है।

बेटे के लिए छोड़ा उन्नाव का घर
बेटे को क्रिकेटर बनने की चाहत के आगे पिता राम सिंह उन्नाव स्थित अपने पैतृक घर छोड़कर कानपुर आ गए। यहां पर उन्होंने जाजमऊ में घर लिया। फिर बेटे को क्रिकेट की अच्छी कोचिंग दिलवाने के लिए रोवर्स मैदान में कपिल देव पाण्डेय से मिले और बेटे को रोज सुबह-शाम मैदान छोड़ने भी जाते थे। जब यूपी अंडर-15 में कुलदीप का चयन नहीं हुआ, तो वह काफी निराश हो गया। पिता ने कुलदीप को संभाला और कुलदीप नाम के मायने बताकर प्रोत्साहित किया। उस दिन के बाद से कुलदीप ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

Father's Day Special: विराट कोहली के पीछे पिता की कड़ी मेहनत

बचपन में तेज गेंदबाज बनने की थी चाहत
पिता बताते हैं कि कुलदीप को बचपन में वसीम अकरम की तरह तेज गेंदबाज बनना था, लेकिन उनके कोच कपिल पाण्डेय ने स्पिन में उनको हाथ आजमाने की सलाह दी। 

हर बेटे का अपना सपना होता है कि वह कुछ अलग करें। ऐसे में हर माता-पिता को अपने बेटे के सपनों का भी ख्याल रखना चाहिए। -राम सिंह यादव, क्रिकेटर कुलदीप यादव के पिता

फादर्स डे स्पेशल: पिता ने खुद की जरूरतों में कटौती कर एमएस धौनी को बनाया स्टार

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Fathers day Kuldeep Yadav father completed his dream after making his son cricketer