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9 अगस्त, 2020|3:05|IST

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ENGvWI:इन बड़े बदलावों के साथ कल से होगी इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी

england cricket team photo-england cricket twitter

कोरोना वायरस महामारी के बीच इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच बुधवार से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बहाल होगा जो भविष्य में क्रिकेट की दशा और दिशा भी तय करेगा। क्रिकेट के सबसे पारंपरिक प्रारूप के जरिए खेल के नए युग का सूत्रपात होने जा रहा है। यह मार्च के बाद पहला टेस्ट मैच भी होगा। एजिस बाउल पर खेला जा रहा यह मैच सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, उससे इतर भी कारणों से खेल की इतिहास बुक में दर्ज हो जायेगा। दर्शकों के बिना, बार बार कोरोना वायरस जांच के बीच, सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए होने वाले ये मैच भविष्य में मैचों और दौरों का ब्लूप्रिंट भी तैयार करेंगे। इंग्लैंड के कार्यवाहक कप्तान बेन स्टोक्स ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इसमें एक भी चूक होने पर बहुत बड़ी हो जाएगी। इससे खेल की बहाली पर आगे असर पड़ेगा। स्टोक्स ने कहा कि चार महीने से लाइव क्रिकेट देखने को तरस रहे टीवी दर्शकों को मनोरंजन की सौगात देना भी दोनों टीमों की जिम्मेदारी होगा। दोनों टीमें मैच के दौरान 'ब्लैक लाइव्स मैटर' का लोगो अपनी कमीज की कॉलर पर लगाएंगी। आपको बता दें कि इस मैच में एक नहीं बल्कि कई बदलाव देखने को मिलेंगे। आइए इस पर नजर डालते हैं-

-इस टेस्ट में गेंदबाजों का सबसे बड़ा टेस्ट होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कोरोना के कारण गेंदबाजों के गेंद पर मुंह की लार के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि गेंदबाज अपनी पुरानी आदत पर कैसे काबू पाते हैं। आईसीसी ने हालांकि शुरुआती तौर पर नियम के उल्लंघन पर कुछ ढील देने की पेशकश की है, क्योंकि गेंदबाजों को इसकी आदत है। आईसीसी के नियम के तहत अगर कोई खिलाड़ी गेंद पर मुंह की लार का इस्तेमाल करता है तो उसे चेतावनी दी जाएगी।

-अंपायर टीम को दो बार इस नियम का उल्लंघन करने पर चेतावनी देंगे, जिसके बाद फिर ऐसा होने पर बल्लेबाजी कर रही टीम को पांच अतिरिक्त रन दिए जाएंगे। गेंद पर मुंह की लार का इस्तेमाल अनजाने में हुआ है या नहीं इसका फैसला भी अंपायर करेंगे तथा अगली गेंद डालने से पहले गेंद को संक्रमण मुक्त करने की जिम्मेदारी भी अंपायर की होगी।

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-इसके अलावा कोरोना के कारण टेस्ट क्रिकेट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी की अनुमति भी दे दी गई है।आईसीसी के मौजूदा नियमों के अनुसार मैच में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी की तभी अनुमति होती है जब किसी खिलाड़ी के सिर में चोट लग जाए और वह खेलने की स्थिति में ना रहे। लेकिन कोरोना सब्स्टीट्यूट की मांग की जा रही थी और आईसीसी ने टेस्ट मैच के दौरान किसी खिलाड़ी में कोरोना लक्षण दिखने पर कोरोना सब्स्टीट्यूट की इजाजत दे दी है। इंग्लैंड ने ही सबसे पहले यह मांग उठायी थी।   

-मैच के दौरान किसी भी खिलाड़ी में कोरोना के लक्षण दिखने पर मैच रेफरी सिर पर चोट लगने के मामले की तरह ही इस बाबत फैसला लेगा। इस मैच में स्थानीय अंपायरों का इस्तेमाल होगा। कोरोना वायरस के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों के चलते आईसीसी ने सभी प्रारुपों में तटस्थ मैच अंपायर रखने के फैसले को अस्थाई तौर पर समाप्त कर दिया था, जिससे अब पैनल के कम अनुभवी स्थानीय अंपायरों को मैचों में लगाया जाएगा।

-टीमों को प्रत्येक पारी में अतिरिक्त डीआरएस भी मिलेगा। कोरोना के कारण नई परिस्थितियों में आईसीसी ने यह फैसला किया है। यह सीरीज आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है लेकिन कोरोना के कारण टेस्ट चैंपियनशिप का पूरा कार्यक्रम गड़बड़ा गया है। इस दौरान कई सीरीज को स्थगित किया गया है। आठ मैच स्थगित किये जा चुके हैं जिनमें बांग्लादेश शामिल है। आठ जुलाई से क्रिकेट एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है और पहला टेस्ट भविष्य की क्रिकेट की दशा और दिशा तय करेगा।

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-कोरोना वायरस में किसी सतह को छूने तक से फैलता है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेट की बहाली खाली स्टेडियम में होगी और दर्शकों को स्टेडियम में बैठकर मैच देखने की अनुमति नहीं होगी। ये फैसला कोरोना की चैन को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।

-दूसरा बड़ा बदलाव ये देखने को मिलेगा कि स्टेडियम के कोने-कोने में हैंड सैनिटाइजर लगे हुए हैं, जहां समय-समय पर खिलाड़ी अपने हाथों को सैनिटाइज कर सकते हैं। सैनिटाइजर का प्रयोग करने से संक्रमण का खतरा कम होता है, क्योंकि इससे काफी हद तक कीटाणु मर जाते हैं।

-अक्सर गेंदबाज विकेट लेने के बाद दूसरे साथी खिलाड़ी से हाई-फाइव या फिर गले लगाते हुए जश्न मनाता है लेकिन कोरोना वायरस की वजह से अब ऐसा नहीं होगा। खिलाड़ियों को सिर्फ कोहली टच करते की परमिशन रहेगी।

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-दर्शकदीर्घा में कोई मौजूद नहीं होगा। ऐसे में खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए आयोजकों ने फेक क्राउड नॉइज म्यूजिक चलाने का फैसला किया है। इसके अलावा स्टेडियम में बड़े-बड़े स्क्रीन भी नजर आएंगे, जिससे कि टीवी पर लाइव व्यू अच्छा देखने को मिले।

-आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में आइसीसी ने खिलाड़ियों को टीशर्ट के पीछे नाम छापने को मंजूरी दी थी, लेकिन अगले एक साल तक जो भी टेस्ट सीरीज होगी उसकी सफेद जर्सी पर सामने बड़ा लोगो देखा जाए सकता है। इसका मकसद ये है कि बोर्ड को जो भी नुकसान हुआ हो वो प्रायोजकों से उसकी भरपाई कर सके।

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  • Web Title:england vs west indies 1st test at The Rose Bowl Southampton many rules changed international cricket return after so much time