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Hindi News क्रिकेटखराब पिचें, लंबे मैदान...ऐसे कैसे अमेरिका में होगा टी20 क्रिकेट का प्रचार?

खराब पिचें, लंबे मैदान...ऐसे कैसे अमेरिका में होगा टी20 क्रिकेट का प्रचार?

आईसीसी क्रिकेट को अमेरिका में प्रमोट करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। मगर टूर्नामेंट की शुरुआत में जिस तरह के मैच हो रहे हैं उसे देखते हुए उनका यह प्लान फ्लॉप नजर आ रहा है।

खराब पिचें, लंबे मैदान...ऐसे कैसे अमेरिका में होगा टी20 क्रिकेट का प्रचार?
Lokesh Kheraलाइव हिंदुस्तान टीम,नई दिल्लीThu, 06 Jun 2024 09:13 AM
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इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी अमेरिका जैसे देशों में भी क्रिकेट को बढ़ावा देने का भरसक प्रयास कर रहा है, जहां इस खेल के प्रति लोगों को रुचि कम है। यही वजह है कि टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन पहली बार दो देशों -वेस्टइंडीज और यूएसए- में हो रहा है। आईसीसी ने अमेरिका के दर्शकों को क्रिकेट के प्रति आकर्षित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया से ड्रॉप-इन पिचें मंगवाई, वहीं कुछ ही महीनों में पानी की तरह पैसा बहाकर खाली पड़े मैदान को स्टेडियम में तब्दील किया। इन सभी प्रयासों के बावजूद ऐसा लग नहीं रहा है कि आईसीसी अपने प्लान में सफल हो पाएगा।

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दरअसल, एक टी20 टूर्नामेंट को 2 चीजें सफल बनाती है। एक बल्लेबाजों को फेवर करती हुई पिचें और दूसरा छोटे मैदान, जिससे बल्लेबाज चौके-छक्कों की बरसात कर फैंस का मनोरंजन कर पाएं। मगर न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिल रहा है। जिन ड्रॉप इन पिचों को आईसीसी ने इस मैदान के लिए ऑस्ट्रेलिया से मंगवाया है, वह अभी इस फॉर्मेट के लिए तैयार नहीं है। वहीं बड़े मैदान और स्लो आउट फील्ड के चलते फैंस हाईस्कोरिंग मैच नहीं देख पा रहे हैं।

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सबसे पहले बात ड्रॉप-इन पिचों की करते हैं, एक्सपर्ट्स के अनसार इस तरह की पिचों को सेट होने में कम से कम एक-डेढ़ साल का समय लगता है। शुरुआत में इस तरह की पिचों पर असमतल उछाल रहता है, जिससे बल्लेबाजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जैसे-जैसे ये पिचें पुरानी होती जाती है, इनकों नियमित रूप से पानी दिया जाता और इन पर भारी रोलर चलते हैं, वैसे-वैसे ये पिचें अच्छी होती है जाती है। मगर आईसीसी ने ताजी पिचों को ही टी20 वर्ल्ड कप में बल्लेबाजों को परोस दिया है।

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ऐसे में इस तरह की पिचों के आदि ना होने वाले बल्लेबाज सिर्फ चोट से बचने को देख रहे हैं। बुधवार 5 जून को इसी मैदान पर भारत और आयरलैंड के बीच टूर्नामेंट का दूसरा मुकाबला खेला गया। इस मैच के दौरान कई बल्लेबाजों के सिर और शरीर पर गेंदें लगी। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा तो कंधे पर गेंद लगने के बाद मैदान छोड़कर ही बाहर चले गए। वहीं ऋषभ पंत कोहनी पर भी तेज तर्रार गेंद लगी।

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इंडिया वर्सेस आयरलैंड मैच से पहले न्यूयॉर्क के इस मैदान पर श्रीलंका वर्सेस साउथ अफ्रीका मुकाबला खेला गया था। हैरानी की बात यह है कि इन दोनों ही मुकाबलों में एक भी बार 100 रन का आंकड़ा पार नहीं हो पाया। श्रीलंका जहां 77 रन पर ढेर हो गई, वहीं आयरलैंड ने 96 रन बनाए।

इन लो स्कोरिंग एनकाउंटर्स के पीछे खराब पिचों के अलावा बड़े मैदान और धीमा आउट फील्ड भी बड़े कारक रहे। टी20 क्रिकेट में फैंस धूम-धड़ाका देखने मैदान पर आते हैं, अगर बड़ी बाउंडी और स्लो आउट फील्डर के चलते फैंस का मनोरंजन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में क्या आईसीसी की प्लानिंग फेल तो नहीं हो रही?

टूर्नामेंट की शुरुआत में ही आईसीसी की यह नाकामियां दिख रही है, ऐसे में टूर्नामेंट का अंत होते-होते इसका अमेरिकी दर्शकों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।