रोहित शर्मा और विराट कोहली को बार-बार 2027 विश्व कप में जगह याद दिलाना बंद करिए, पूर्व क्रिकेटर ने क्यों कहा ऐसा?

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रोहित शर्मा और विराट कोहली को 2027 विश्व कप में उनकी जगह के बारे में बार- बार याद दिलाना बंद कर दीजिए। पूर्व क्रिकेटर दीपदास गुप्ता ने कहा है कि क्या आज से चार साल पहले भी उन्हें रिमांइडर दिया जाता था। वे अपने प्रदर्शन के दम पर जगह बना लेंगे।

virat kohli and rohit sharma
विराट कोहली, रोहित शर्मा

2027 वनडे विश्व कप शुरू होने में अब केवल 15 महीने बाकी हैं। ऐसे में भारतीय टीम जब भी वनडे क्रिकेट में मैदान पर उतरती है रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 विश्व कप खेलने पर बनी अनिश्चितता पर चर्चा होती ही है। इंग्लैंड के हाथों हाल ही में भारत की 1-2 से हार ने इस जोड़ी पर आगामी महीनों में चर्चा को और भी तेज कर दिया है। हालांकि, रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों का प्रदर्शन इस सीरीज में मिला-जुला रहा। रोहित शर्मा ने एक शतक लगाया जबकि विराट कोहली के बल्ले से दो अर्धशतक निकले। इसके बावजूद इन दोनों खिलाड़ियों पर सवालिया निशान बने हुए हैं।

टीम में जगह को लेकर बात करना बंद कीजिए

इसी सिलसिले में पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने जोर देकर कहा है कि रोहित और कोहली को लंबे ब्रेक के बाद वनडे सीरीज में वापसी करने के लिए कुछ मैचों का समय देना भारत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जहां 39 वर्षीय रोहित ने इंग्लैंड में तीन पारियों में 175 रन बनाए, वहीं कोहली ने तीन पारियों में 144 रन बनाए। दीपदास गुप्ता ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा- “यह बात सभी से होनी चाहिए, सिर्फ कोहली और रोहित से ही नहीं कि उन्हें सीरीज की शुरुआत अच्छी करनी होगी और शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन करना होगा। यह एक चुनौती है। लय में आने के लिए एक-दो मैच काफी नहीं होते। लेकिन यहीं पर सपोर्ट स्टाफ की भूमिका आती है और वे खिलाड़ियों से बातचीत करके ऐसा माहौल बनाते हैं जिससे हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।” उन्होंने आगे कहा “टीम में उनकी जगह को लेकर उनसे कोई बातचीत करने की जरूरत नहीं है। चार साल पहले ऐसा नहीं था कि हर सीरीज से पहले उन्हें याद दिलाना पड़ता था कि वे टीम में होंगे। वे अपने प्रदर्शन के दम पर जानते थे कि वे टीम में रहेंगे। तो अब इसमें क्या बदलाव आया है? न तो कोई बदलाव आया है और न ही आना चाहिए।”

सिर्फ वनडे खेलने के कारण रोहित और विराट को होता है नुकसान

हालांकि, दासगुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली को एक ही फॉर्मेट में खेलने के कारण उनके भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने कहा- “उनके भविष्य को लेकर हो रही चर्चा बेवजह बढ़ रही है क्योंकि वे सिर्फ एक ही फॉर्मेट में खेलते हैं। जब आप कई फॉर्मेट में खेलते हैं, तो अगर आप एक में असफल होते हैं लेकिन दूसरे में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो असफलता भुला दी जाती है। इसलिए इन दोनों के लिए यह एक ऐसी चुनौती है जिसे नकारा नहीं जा सकता। लोग याद रखेंगे कि उन्होंने इस फॉर्मेट में आखिरी बार क्या किया था क्योंकि वे सिर्फ एक ही फॉर्मेट में खेलते हैं। लेकिन उनसे बातचीत वैसी ही होनी चाहिए जैसी तीन साल पहले होती थी।”

बता दें कि भारत का अगला वनडे मुकाबला दो महीने बाद सितंबर के अंत में वेस्ट इंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान पर होगा।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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