
साउथ अफ्रीका 350 का टारगेट आसानी से चेज कर लेता अगर हर्षित राणा...कोच ने कह दी बड़ी बात
टीम इंडिया के बैटिंग कोच का मानना है कि अगर हर्षित राणा शुरुआती ओवर में साउथ अफ्रीका को बैकफुट पर नहीं धकेलते तो मेहमान टीम आसानी से 350 के टारगेट को चेज कर लेता।
इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका वनडे में भारत ने 349 रन बोर्ड पर लगाने के बावजूद मात्र 17 रनों से जीत दर्ज की। विराट कोहली के ऐतिहासिक शतक के दम पर भारत ने पहले बैटिंग करते हुए साउथ अफ्रीका के सामने 350 रनों का टारगेट रखा था। कोहली के वनडे करियर का यह 52वां शतक था। इस स्कोर का पीछा करते हुए मेहमान टीम ने महज 11 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिसमें से पहले 2 विकेट हर्षित राणा ने पारी के दूसरे ही ओवर में हासिल किए थे। टीम इंडिया के बैटिंग कोच का मानना है कि अगर हर्षित राणा शुरुआती ओवर में साउथ अफ्रीका को बैकफुट पर नहीं धकेलते तो मेहमान टीम आसानी से 350 के टारगेट को चेज कर लेता।
हर्षित राणा ने नई गेंद से कमाल दिखाया और अपने पहले ही ओवर में रयान रिकेटलॉन और क्विंटन डी कॉक बिना खाता खोले पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके अलावा उन्होंने डेवाल्ड ब्रेविस (28 गेंद पर 37 रन) का अहम विकेट भी लिया। 10 ओवर के कोटे में राणा ने 65 रन खर्च कर यह तीन शिकार किए।
टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मुझे लगता है कि अगर वे बैटिंग कर रहे होते, तो उसी पिच पर 350 रन पक्का काफी होते। लेकिन इतनी ज्यादा ओस के बाद, बॉलर बॉल को ठीक से पकड़ भी नहीं पाता। बॉल विकेट से फिसलकर सीधे बैट पर आ रही है। मुझे लगता है कि शुरुआती विकेट लेने का बहुत सारा क्रेडिट हर्षित को भी जाता है, क्योंकि नहीं तो इतनी ज्यादा ओस में उनके लिए रन बनाना काफी आसान होता।”
उन्होंने आगे कहा, "तो, टॉस हारने के बाद भी यह गेम जीतना, मुझे लगता है कि यह बहुत तारीफ के काबिल है। मुझे लगता है कि वह (हर्षित राणा) बॉल को अच्छी तरह से मूव कर रहा था, वह शुरुआती इनिंग्स में सही एरिया में हिट कर रहा था क्योंकि कूकाबुरा बॉल शायद दो, चार, शायद पांच ओवर तक स्विंग करती है। इसलिए, मुझे लगता है कि उसने इसका पूरा फायदा उठाया।"






