सौरव गांगुली ने मोहम्मद शमी मामले में तोड़ी चुप्पी, कहा-10 हजार रन के बाद वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया था
सौरव गांगुली ने मोहम्मद शमी के भारतीय टीम में चयन नहीं होने पर कहा है कि उन्होंने काफी उपलब्धि हासिल की है और बढ़ती उम्र के साथ ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि 10000 रन बनाने के बाद भी उन्हें भी विश्व कप टीम से बाहर कर दिया गया था।

भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने मोहम्मद शमी को टीम से बाहर रखने के चयनकर्ताओं के फैसले का बचाव किया है। तेज गेंदबाज शमी पिछले साल हुई चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से टीम से बाहर हैं और मौका हासिल करने के लिए लगाातर घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। जहां एक तरफ भारतीय टीम तेज गेंदबाजों की चोट से परेशान है तो वहीं शमी फिट होने के बावजूद भारतीय टीम में जगह नहीं बना पा रहे हैं। हालांकि 36 वर्षीय शमी के लिए भारतीय टीम में वापसी के रास्ते बंद होते जा रहे हैं। उनके चयन नहीं होने के पीछे की वजह फिटनेस है। कईयों को लगता है कि 36 वर्षीय खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट की कठिनाइयों को झेल नहीं पाएंगे। शमी दलीप ट्रॉफी का भी हिस्सा थे, जहां उनकी टीम ने ट्रॉफी जीती।
मुझे वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया
सौरव गांगुली ने शमी की तारीफ की है और कहा है कि चयनकर्ता उन्हें नजरअंदाज नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि शमी ने काफी क्रिकेट खेला है और जब खिलाड़ी की उम्र बढ़ती है तो ऐसी चीजें होती हैं। सौरव गांगुली ने रिपोर्ट्स से कहा, ''उसे नजरअंदाज नहीं किया गया है। उसने काफी खेला है। वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ऐसा होता है। जब मुझे 10,000 रन बनाने के बाद वनडे वर्ल्ड कप से एक साल के लिए बाहर कर दिया गया था, तब मैंने वापसी का रास्ता निकाला। इसलिए यह सबके साथ होता है।''
उन्होंने आगे कहा, ''जो चीज मुझे खुश करती है वो ये है कि शमी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उनको देखना शानदार है। उनसे काफी कुछ हासिल किया है। गांगुली ने शमी के आगामी वनडे विश्व कप में हिस्सा लेने की चर्चा पर कमेंट नहीं किया। उन्होंने कहा, ''ये काफी दूर है। मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता है। ये अक्टूबर (2027) में हैं। लंबा समय है।''
शमी को है वापसी की उम्मीद
शमी ने आखिरी टेस्ट मैच 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेला था। उन्होंने दलीप ट्रॉफी के फाइनल के बाद कहा, ''अगर आप प्रेरणा के कारण तलाशें, तो प्रेरित रहने के बहुत सारे कारण हैं। इस स्तर पर अगर आप खुद से प्रेरित नहीं होते हैं, तो आपका नजरिया ही गलत है। आप अपने करियर के किसी भी पड़ाव पर खेल रहे हों, आपकी नजरें हमेशा अगले स्तर पर होनी चाहिए। '' दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पूर्वी क्षेत्र ने पहली पारी में बढ़त के आधार पर दक्षिण क्षेत्र को हरा दिया। शमी (36 साल) ने खिताबी मुकाबले में रविचंद्रन स्मरण और शेख रशीद के महत्वपूर्ण विकेट लेकर दक्षिण क्षेत्र के मध्यक्रम को झकझोर दिया।



