सौरव गांगुली का बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन मुखिया बनना तय, BCCI अध्यक्ष के लिए भी दावेदार
बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (कैब) के अध्यक्ष पद के लिए सौरव गांगुली अकेले उम्मीदवार हैं। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वह बीसीसीआई अध्यक्ष की रेस में शामिल हो सकते हैं।

क्रिकेट प्रशासन में सौरव गांगुली की वापसी हो गई है। वह दूसरी बार क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। गांगुली ने रविवार को इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया और उनके खिलाफ कोई और उम्मीदवार नहीं होने के कारण उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। यह उनकी दूसरी पारी होगी। इससे पहले वह 2015 से 2019 तक इस पद पर रह चुके हैं। गांगुली से जब बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर वापसी की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि इस बारे कोई अनुमान न लगाएं।
कौन हैं नए पदाधिकारी?
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के आगामी चुनाव 22 सितंबर को होने वाले हैं। गांगुली के साथ-साथ उनके पैनल के दूसरे सदस्य भी निर्विरोध चुने जाएंगे। इस पैनल में वाइस प्रेसिडेंट के लिए नितीश रंजन दत्ता, सेक्रेटरी के लिए बबलू कोले, जॉइंट सेक्रेटरी के लिए मदन मोहन घोष और कोषाध्यक्ष के लिए संजय दास का नाम शामिल है।
दादा ने भाई को किया रिप्लेस
सौरव गांगुली ने इस बार अपने बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली की जगह ली है, जो 2019 से इस पद पर थे। इससे पहले सौरव गांगुली 2019 से 2022 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष रहे थे। उनके बाद रोजर बिन्नी बीसीसीआई अध्यक्ष बने थे। 28 सितंबर को होने वाले बीसीसीआई के आगामी चुनावों के लिए भी उनके नाम की चर्चा चल रही है। सीएबी ने बीसीसीआई की AGM के लिए गांगुली को अपना प्रतिनिधि बनाया है, जिससे वह बीसीसीआई अध्यक्ष की दौड़ में बने हुए हैं। बीसीसीआई अध्यक्ष पद के लिए नामांकन 20-21 सितंबर को दाखिल किए जाएंगे।
नए रोल को लेकर क्या बोले गांगुली?
अपनी वापसी पर गांगुली ने कहा, 'मैं सभी के सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। सीएबी में कोई विपक्ष नहीं है, हर कोई इस एसोसिएशन का हिस्सा है। हम सब मिलकर सीएबी और बंगाल क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। भारत का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच, टी20 वर्ल्ड कप और बंगाल प्रो टी20 लीग जैसे कई बडे इवेंट्स ईडन गार्डन्स में होने वाले हैं। मैं अपना बेस्ट देने की कोशिश करूंगा।' उन्होंने अपनी नई टीम के बारे में भी बात की और कहा, ‘बबलू कोले बहुत अनुभवी हैं। उनकी तरह के अनुभवी और जानकार व्यक्ति का टीम में होना जरूरी है। नितीश रंजन दत्ता, मदन मोहन घोष और संजय दास भी अनुभवी हैं और लंबे समय से इस क्षेत्र में हैं। उनका अनुभव बंगाल क्रिकेट के लिए बहुत फायदेमंद होगा।’



