सोनल दिनुषा की टेस्ट इतिहास के नायाब क्लब में एंट्री, भारत के खिलाफ पहली बार हुआ ऐसा
India Vs Sri Lanka: सोनल दिनुषा ने भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में कमाल की बैटिंग की। श्रीलंका के युवा बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास के एक नायाब क्लब में एंट्री मारी है, जिसमें भारतीय दिग्गज भी है।

सोनल दिनुषा ने कोलंबो में आयोजित दूसरे टेस्ट में श्रीलंका को हार से बचा लिया। श्रीलंका टीम गुरुवार को मैच ड्रॉ कराने में कामयाब रही। मैच के पांचवें दिन दिनुषा ने टिककर बल्लेबाजी की और शतक जमाया। उन्होंने फॉलोऑन के बाद दूसरी पारी में 264 गेंदों में 8 चौकों और दो छक्कों के जरिए नाबाद 133 रन बनाए। उन्होंने पहली पारी में 162 गेंदों में 103 रन जोड़े थे। भारत ने 503/9 पर पारी घोषित करने के बाद श्रीलंका की पहली पारी 290 पर समेटी थी। भारत ने 213 रनों की बढ़त के बाद श्रीलंका को फॉलोऑन के लिए मजबूर किया। दूसरी पारी में श्रीलंका का स्कोर जब 429/9 पर पहुंचा तो दोनों टीम मैच ड्रॉ कराने पर सहमत हो गईं। 25 वर्षीय दिनुषा ने भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर विजय हजारे के नायाब क्लब में एंट्री मारी है।
भारत के साथ पहली बार हुआ ऐसा
दिनुषा उस टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले तीसरे प्लेयर बन गए हैं, जिसमें टीम को फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। टेस्ट इतिहास में भारत के खिलाफ पहली बार किसी बल्लेबाज ने ऐसा किया। उनसे पहले ऐसा सिर्फ विजय हजारे और एंडी फ्लावर ने किया। ऑस्ट्रेलिया ने 1948 में एडिलेड में आयोजित टेस्ट में भारत को फॉलोऑन दिया था। पहली पारी में विजय हजारे ने 116 और दूसरी पारी में 145 रन बनाए थे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने एक पारी और 6 रनों से मैच अपने नाम किया। जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर एंडी फ्लावर ने 2001 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाए। उन्होंने हरारे के मैदान पर पहली पारी में 142 और दूसरी पारी में नाबाद 199 रन जुटाए थे। साउथ अफ्रीका ने जिम्बाब्वे को फॉलोऑन देने के बाद 9 विकेट से विजयी परचम फहराया था।
पैर में जकड़न से जूझने के बावजूद दिनुषा ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। चौथे दिन के नाबाद सात रन से आगे खेलते हुए दिनुषा ने स्वीप शॉट का शानदार तरीके से इस्तेमाल किया और भारतीय गेंदबाजों को अंतिम दिन पूरी तरह से बेअसर साबित किया। श्रीलंका ने छठा विकेट निरोशन डिकवेला के रूप में 65वें ओवर में गंवा दिया था जिसके बाद दिनुषा ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ 89 ओवर से अधिक बल्लेबाजी करके भारत की जीत हासिल करने की उम्मीदों को ध्वस्त किया। उन्होंने केशारा नुवांता (150 गेंदों में 46) के साथ सातवें विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने लाहिरू कुमारा (90 गेंदों में 12) के साथ नौवें विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी की। कोलंबो टेस्ट भले ही ड्रॉ रहा लेकिन भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती।



