IPL से जलने वालों को उंगली उठाने मत दो, BCCI इसका खुलासा करे; गावस्कर की बात में दम तो है!
सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई से आईपीएल में हाई प्रोफाइल ट्रांसफर के दौरान पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि ऐसा करने से आईपीएल पर कोई उंगली नहीं उठा पाएगा।

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की 10 फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों को अपने स्क्वॉड में शामिल करने के लिए सिर्फ ऑक्शन पर निर्भर नहीं हैं। इस समय प्लेयर विंडो खुली हुई है। फ्रेंचाइजियों द्वारा खुद को मजबूत करने की प्लानिंग पूरे साल चलती रहती है। आईपीएल 2026 से पहले संजू सैमसन चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में गए तो और सीजन खत्म होने के बाद दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) और लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) ने खिलाड़ियों की अदला-बदली की। स्पिनर कुलदीप एलएसजी में गए जबकि विकेटकीपर पंत की डीसी में घर वापसी हुई। आईपीएल 2024 से पहले स्टार हार्दिक पांड्या का हाई प्रोफाइल ट्रांसफर काफी चर्चा में रहा था। वह गुजरात टाइटंस (जीटी) से पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (एमआई) में आए। हार्दिक फिलहाल एमआई के कप्तान हैं। हालांकि, हार्दिक के एक बार फिर एमआई से जाने की अटकलें लग रही हैं लेकिन अभी तक कुछ भी स्पष्ट दौर पर सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
IPL पर उंगली मत उठने दो
भारत के महान बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि आईपीएल में हाई प्रोफाइल ट्रांसफर के दौरान पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब आईपीएल में कोई ट्रेड होता है तो रकम केवल भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और संबंधित फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी को ही पता होती है जबकि बाकी टीमें अंधेरे में रहती हैं। ऐसे में यह सवाल उठ सकता है कि नियमों का पालन किया गया या नहीं। पूर्व कप्तान ने बीसीसीआई को दमदार सलाह देते हुए कहा कि ट्रेड के बाद वित्तीय विवरण को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सभी को जानकारी रहे। उन्होंने कहा कि आईपीएल से जलने वालों को उंगली उठाने मौका मत दीजिए।
BCCI इसका खुलासा करे
गावस्कर ने मिड-डे के लिए अपने कॉलम में लिखा, ''मीडिया में खिलाड़ियों के एक फ्रेंचाइजी से दूसरी फ्रेंचाइजी में जाने की कुछ अटकलें चल रही हैं। हालांकि, इस विंडो के बंद होने में अभी कुछ समय बाकी है। किसी खिलाड़ी के एक फ्रेंचाइजी से दूसरी फ्रेंचाइजी में ट्रांसफर होने की जानकारी सार्वजनिक होती है। लेकिन जब कोई ट्रेड होता है तो रकम की जानकारी सिर्फ दो फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी और बीसीसीआई को ही होती है। ऐसी स्थिति में अन्य फ्रेंचाइजी को पता नहीं होता कि हर फ्रेंचाइजी के लिए जो सैलरी कैप तय है, उसका पालन किया गया है या उल्लंघन हो गया है। इसलिए पूरी पारदर्शिता के लिए अहम है कि रकम का भी सार्वजनिक रूप से खुलासा किया जाए।'' उन्होंने आगे कहा, ''आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है। ऐसे में यह जरूरी है कि पूरी ट्रांसपेरेंसी बनी रहे ताकि भारतीय लीग से जलने वाले लोग इस पर उंगली न उठा सकें।''



