टी20 विश्व कप से पहले स्मृति मंधाना का खराब फॉर्म जारी, इंग्लैंड के खिलाफ अबतक का सबसे कमजोर प्रदर्शन
स्मृति मंधाना का टी20 वर्ल्ड कप से पहले खराब फॉर्म टीम की चिंता बढ़ा सकता है। पहली बार वह इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैच के किसी टी20 सीरीज में कुल मिलाकर 50 रन भी नहीं बना पाई हैं। मंगलवार को वह तीसरे और निर्णायक टी20 मैच में सिर्फ 8 रन बना पाईं। इंग्लैंड के सीरीज को 2-1 से जीत लिया है।

भारतीय महिला टीम की सुपर स्टार और उपकप्तान स्मृति मंधाना का टी20 वर्ल्ड कप से पहले खराब फॉर्म जारी है। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में भी वह फ्लॉप रही हैं। पहले मैच में तो वह 32 रन बनाई थीं लेकिन दूसरे मैच में खाता तक नहीं खोल पाई थी। अब मंगलवार को तीसरे मैच में भी वह 9 गेंदों में सिर्फ 8 रन ही बना पाईं। इस तरह स्मृति मंधाना इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैच की सीरीज में सिर्फ 40 रन ही बना पाई। ये इंग्लैंड के खिलाफ किसी टी20 सीरीज में मंधाना का अब तक का सबसे कम स्कोर है। पहली बार वह तीन मैच की सीरीज के सभी मैच खेलने के बाद भी 50 रन तक नहीं बना पाई हैं।
इससे पहले स्मृति मंधाना का इंग्लैंड के खिलाफ 3 टी20 मैचों की सीरीज में सबसे कम स्कोर 64 रन का था। 2023 में वह तीन मैच की सीरीज में क्रमशः 6, 10 और 48 रन बनाई थीं। 2019 में भी वह इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैच की टी20 सीरीज में 100 से कम रन बना पाई थीं। तब वह तीनों मैचों को मिलाकर सिर्फ 72 रन ही बटोर पाई थीं।
महिला टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले स्मृति मंधाना का लय में न दिखना टीम इंडिया के लिए भारी पड़ सकता है। वर्ल्ड कप इंग्लैंड में ही होना है।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड के साथ हुई टी20 सीरीज में भारतीय महिला टीम को 2-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी। टांटन में मंगलवार को खेले गए तीसरे और निर्णायक मुकाबले को इंग्लैंड ने 6 विकेट से जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली।
मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 180 रन बनाए थे। ओपनर स्मृति मंधाना लगातार दूसरे मैच में फ्लॉप रहीं और 9 गेंदों में 8 रन बनाकर आउट हुईं। हालांकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 56 रन बनाकर भारत के स्कोर को 180 रन तक पहुंचाया। उनके अलावा यास्तिका भाटिया लय में नजर आ रही थीं लेकिन वह 32 रन बनाकर रनआउट हुईं। दीप्ति शर्मा ने भी 32 रन बनाए। जेमिमा रोड्रिग्स ने 29 रन का योगदान दिया।
जीत के लिए 181 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को इंग्लैंड की महिला टीम ने 9 गेंदों बाकी रहते ही सिर्फ 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। एलिस कैप्सी ने सबसे ज्यादा 82 रन बनाए और हीदर नाइट ने 42 गेंदों में 70 रनों की नाबाद पारी खेली। एलिस कैप्सी को प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड मिला।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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