Hindi Newsक्रिकेट न्यूज़Shukri Conrad regrets but does not apologise for grovel comment on Team India during Test Series
टीम इंडिया से माफी मांगने के लिए तैयार नहीं है साउथ अफ्रीका के हेड कोच, बोले- पछतावा है, मगर…

टीम इंडिया से माफी मांगने के लिए तैयार नहीं है साउथ अफ्रीका के हेड कोच, बोले- पछतावा है, मगर…

संक्षेप:

भारत के लिए ग्रोवेल शब्द का इस्तेमाल करने के लिए साउथ अफ्रीका के हेड कोच टीम इंडिया से माफी मांगने के लिए तैयार नहीं है। उनको पछतावा है, मगर वह फिर भी भारत से माफी नहीं मांग रहे। उन्होंने कहा है कि वे बेहतर शब्द का इस्तेमाल कर सकते थे। 

Dec 07, 2025 07:59 am ISTVikash Gaur लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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टीम इंडिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान साउथ अफ्रीका की टीम के हेड कोच शुकरी कोनराड ने एक ऐसा कमेंट किया था, जिसके लिए उनकी आलोचना हुई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुकरी कोनराड ने भारत के लिए 'ग्रोवेल' शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसका मतलब किसी को 'घुटने के बल लाना' होता है। इस पर अब उन्होंने खुद चुप्पी तोड़ी है और उनको इस शब्द का इस्तेमाल करने का पछतावा है, लेकिन वे भारतीय टीम से माफी मांगने के लिए तैयार नहीं हैं।

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शनिवार को विशाखापट्टनम में खेले गए तीसरे वनडे मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मेरा इरादा कभी भी किसी के प्रति बुराई करने या किसी भी बात पर घमंडी होने का नहीं था। सोचने पर मुझे लगा कि मैं इससे बेहतर शब्द चुन सकता था, क्योंकि इससे लोगों को अपने हिसाब से इसका मतलब निकालने का मौका मिल गया। मेरा मतलब सिर्फ यह था कि भारत (मैदान पर) ज्यादा समय बिताए और उनके लिए इसे बहुत मुश्किल बना दे। अब मुझे यहां यह ध्यान रखना होगा कि मैं कौन सा शब्द इस्तेमाल करूं, क्योंकि उसके साथ भी कॉन्टेक्स्ट जोड़ा जा सकता है!”

25 नवंबर को, गुवाहाटी टेस्ट की चौथी शाम को कोनराड से पूछा गया कि उनकी टीम ने 549 रन की बढ़त लेने से पहले पांच घंटे और चार मिनट तक बैटिंग क्यों की? यह भारत में किसी भी टेस्ट में सफलतापूर्वक चेज किए गए स्कोर से 161 रन ज्यादा था। कोनराड ने तब कहा, "हम चाहते थे कि भारतीय खिलाड़ी मैदान पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। हम चाहते थे कि वे सच में परेशान हों, जैसा कि एक कहावत है। उन्हें खेल से पूरी तरह बाहर कर दें, और फिर कहें कि आओ और आज शाम आखिरी दिन और एक घंटे तक टिके रहो।"

एक शब्द पर बवाल

उन 48 शब्दों के बयान में से 47 शब्द बिल्कुल ठीक हैं। एक शब्द था ग्रोवेल, वह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। यह गुलामी, उपनिवेशवाद और नस्लवाद से जुड़ा है और जब टोनी ग्रेग ने मई 1976 में इसका इस्तेमाल यह बताने के लिए किया कि वह अपनी इंग्लैंड टीम से वेस्टइंडीज के साथ क्या करवाना चाहते हैं, तो इससे काफी हंगामा हुआ, जिसके बाद वेस्टइंडीज की टीम इतनी गुस्सा हो गई कि उसने सीरीज 3-0 से जीत ली। कोनराड ने शनिवार को आगे कहा, "यह सच में दुख की बात है। हो सकता है कि इसने वनडे सीरीज को और मज़ेदार बना दिया हो और खासकर जब इंडिया ने अब वह सीरीज जीत ली है, तो T20 सीरीज और भी ज्यादा रोमांचक हो जाएगी।"

Vikash Gaur

लेखक के बारे में

Vikash Gaur
विकाश गौड़, लाइव हिन्दुस्तान के स्पोर्ट्स सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (असिस्टेंट मैनेजर) के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में इनको करीब 8 साल का अनुभव है। करियर की शुरुआत से ही ये डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं। 2016 में इन्होंने अपने पत्रकारिता के सफर का शुभारंभ किया। खबर नॉन स्टॉप से शुरुआत करते हुए, वे पत्रिका समूह की प्रमुख वेबसाइट कैच न्यूज से जुड़े, जहां इन्होंने खेल से जुड़ी खबरों की बारीकियों को सीखा। इसके बाद, इन्होंने डेली हंट में थोड़े समय के लिए वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में काम किया और फिर दैनिक जागरण की वेबसाइट से जुड़कर पूरी तरह से खेल समाचारों की दुनिया में प्रवेश कर लिया। यहां इन्होंने लगभग ढाई साल तक कार्य किया और जनवरी 2021 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ हैं। अपने करीब साढ़े छह साल के अनुभव में विकाश ने सभी प्रमुख खेल आयोजनों को कवर किया है, जिनमें क्रिकेट विश्व कप, आईपीएल, ओलंपिक गेम्स, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और कई अन्य बड़े खेल आयोजन शामिल हैं। और पढ़ें
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