हम टॉप 4 में जगह बनाने के हकदार थे..., लगभग 500 रन बनाने के बाद भी निराश हुए सार्थक रंजन
नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2026 में अपने अभियान का समापन शानदार अंदाज में किया। उन्होंने अरुण जेटली स्टेडियम में आउटर दिल्ली वॉरियर्स को 39 रनों से आसानी से हराया। हालांकि, कप्तान सार्थक रंजन टीम के प्लेऑफ में ना पहुंचने से काफी निराश लगे। उन्होंने क्या कुछ कहा- पढ़िए।

नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2026 में अपने अभियान का समापन शानदार अंदाज में किया। उन्होंने अरुण जेटली स्टेडियम में आउटर दिल्ली वॉरियर्स को 39 रनों से आसानी से हराया। सीजन का अंत जीत के साथ करने के बावजूद स्ट्राइकर्स के कप्तान सार्थक रंजन प्लेऑफ में जगह न बना पाने से काफी निराश दिखे। उन्होंने उन छोटी-छोटी कमियों पर बात की जिनकी वजह से उनकी टीम टॉप 4 में जगह नहीं बना पाई।
मैच के बाद रंजन ने कहा, “निश्चित रूप से हम टॉप 4 में जगह बना सकते थे। यह बहुत निराशाजनक है क्योंकि हमारी टीम सच में इसकी हकदार थी। बस हम सही समय पर खासकर दो अहम मैचों में एक टीम के तौर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। अगर हम बस एक और मैच जीत जाते तो पॉइंट्स टेबल की तस्वीर बिल्कुल अलग होती।” जब उनसे पूछा गया कि खिलाड़ियों के शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन के बावजूद टीम लगातार अच्छा सामूहिक प्रदर्शन क्यों नहीं कर पाई, तो कप्तान ने अहम मैचों के दिन टीम के तौर पर सही तालमेल और प्रदर्शन की कमी की ओर इशारा किया।
उन्होंने आगे कहा, “क्रिकेट में ऐसा होता है। हर कोई हर दिन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकता। लेकिन अगर हममें से तीन या चार खिलाड़ियों ने कुछ खास दिनों में मिलकर योगदान दिया होता, तो हम वे करीबी मैच जीत जाते। कभी मैंने रन बनाए, तो कभी किसी और ने, लेकिन हम एक ही मैच में मिलकर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए।” डीपीएल के इस सीजन के 9 मैचों की 9 पारियों में 493 रन बनाने वाले रंजन ने अपनी अच्छी फॉर्म के लिए खुशी जताई, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि टीम की जीत ही सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा, "अच्छी बैटिंग करना एक वरदान है और ऑरेंज कैप पहनना बहुत अच्छा अनुभव है। मैं बहुत शुक्रगुजार हूं कि मैं टीम के लिए योगदान दे सका और मैच जिताने में मदद कर सका। व्यक्तिगत तौर पर पहचान मिलना अच्छा लगता है, लेकिन एक टीम के तौर पर हम जानते हैं कि हम और बेहतर कर सकते थे।"
कप्तान ने ओपनिंग बैटर वैभव कांडपाल के बारे में भी स्थिति साफ की, जिन्हें पिछले मैच में नंबर 11 पर भेजा गया था और उसके बाद वे आखिरी मैच में नहीं खेले थे। रंजन ने बताया, "शुरुआत में वैभव को बॉल को सही से हिट करने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन बाद में उन्हें पीठ में चोट लग गई। वे ठीक से हिल-डुल नहीं पा रहे थे और उन्हें बहुत दर्द हो रहा था। उन्होंने खुद कहा कि जरूरत पड़ने पर वे नीचे के क्रम में बैटिंग कर सकते हैं, लेकिन हमने उसके बाद उन्हें आराम देने का फैसला किया।"
ऐसा रहा कल खेले गए मैच का हाल
मैच में पहले बैटिंग करते हुए नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने 20 ओवर में 166/7 रन बनाए। इसमें यश भाटिया की शानदार हाफ-सेंचुरी (38 बॉल में 53 रन) और कौशल सुमन का अहम योगदान (26 बॉल में 33 रन) शामिल था। वॉरियर्स के लिए हर्ष त्यागी सबसे अच्छे बॉलर रहे, जिन्होंने अपने चार ओवर में 15 रन देकर 3 विकेट लिए।
जवाब में, आउटर दिल्ली वॉरियर्स दबाव में बिखर गई और लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत में ही 47/3 पर सिमट गई। हर्ष त्यागी की संघर्षपूर्ण हाफ सेंचुरी के बावजूद लगातार विकेट गिरने से वॉरियर्स की पारी लड़खड़ा गई और वे 127/7 रन ही बना पाए। स्ट्राइकर्स के लिए परीक्षित सहरावत ने शानदार बॉलिंग की और 10 रन देकर 3 विकेट लिए, जिसमें एक मेडन ओवर भी शामिल था। इस तरह उन्होंने 39 रनों से शानदार जीत पक्की की।



