वैभव सूर्यवंशी को लेकर संजू सैमसन बोले- मैं T20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट था, मगर उसने…
संजू सैमसन ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी बात की और बताया कि 15 साल के प्लेयर को मौका क्यों मिला था और उन्हें प्लेइंग इलेवन और टीम से बाहर क्यों बैठना पड़ा था?

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को जब दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की टी20 सीरीज के पहले मैच में मौका मिला और वे फ्लॉप रहे तो टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठे। हालांकि, दूसरे मैच में फिर से सैमसन ही खेले और वैभव सूर्यवंशी बाहर रहे। इस मैच में सैमसन ने 20 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। 22 गेंदों में 7 चौके और 4 छक्कों की मदद से वे 57 रनों की पारी खेलकर आउट हुए, लेकिन तब तक मैच भारत की मुट्ठी में आ गया था। मैच के बाद सैमसन से जब पूछा गया कि आप टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द मैच थे और फिर 3 मैचों के बाद ड्रॉप कर दिए गए, इसके बाद कोच गौतम गंभीर से क्या बात हुई? इस सवाल का जवाब सैमसन ने बड़े सलीके से दिया और बताया कि पूरा सिनेरियो आखिर क्या था।
संजू सैमसन ने पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “इंडियन टीम को रन करना आसान बात नहीं है। आप देख रहे हो कि एक लड़का 15 साल का 700-800 रन (आईपीएल में) मारकर आया है। मेरा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट (T20 वर्ल्ड कप 2026) उससे पहले था। उसके बाद उसने इतना अच्छा परफॉर्म किया है। उसे किसी और तरीके से आना था और मैंने दो-तीन गेम में अच्छा परफॉर्म नहीं किया था और वह फॉर्म में था और हम उस सीरीज में गेम जीतना चाहते थे और जैसा कि मैंने पहले बताया, लीडरशिप वाली बात से यह बहुत समझ में आता है। मैं खुद कप्तान रहा हूं और इस तरह के फैसले मैंने भी लिए हैं।”
कठिन फैसले लेना आसान नहीं होता- सैमसन
सैमसन ने आगे कोच गौतम गंभीर के साथ अपने कम्युनिकेशन पर कहा, "इन सभी चीजों में कम्युनिकेशन बहुत मायने रखता है। इस सीरीज के बीच में भी बातचीत हुई और इस सीरीज से पहले भी काफी बातचीत हुई है। इसके इसके पहले भी उन्होंने मुझसे बहुत बातचीत की थी।" वे आगे कहते हैं, "कठिन फैसले लेना, कोई आसान बात नहीं होती है। सामान्य फैसले लेना आम बात होती है, लेकिन लीडरशिप ग्रुप के लिए कठिन फैसले लेना बेहद कठिन काम होता है, क्योंकि उन्हें टीम को ध्यान में रखना होता है।"
संजू सैमसन ने 20 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और 57 रनों की तूफानी पारी खेली, लेकिन प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड नहीं मिला। नितीश कुमार रेड्डी ने उस पर कब्जा किया, क्योंकि 3 विकेट उन्होंने 3 ओवर में 24 रन देकर चटकाए थे। पिछले मैच में उनकी गेंदबाजी अच्छी नहीं रही थी। सैमसन पर भी रन बनाने का दबाव था, क्योंकि पिछली पांच पारियों में उनके कुल रनों की संख्या इस पारी के रनों की संख्या से भी कम थी।



