सिर्फ 5 मैचों में बना दिए 321 रन, संजू सैमसन ने तोड़ा विराट कोहली के सर्वाधिक रनों का महारिकॉर्ड
संजू सैमसन ने इस विश्व कप में सिर्फ 5 मैचों 321 रन बनाकर इतिहास रच दिया है। वे एक वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने विराट कोहली के 2014 में बनाए गए 318 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

संजू सैमसन ने रविवार को इतिहास रचते हुए पुरुष टी20 विश्व कप के एक ही संस्करण में भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाने का पूर्व कप्तान विराट कोहली का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए 2026 संस्करण के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 46 गेंदों में शानदार 89 रन बनाए, जिससे टूर्नामेंट में उनके कुल रनों की संख्या 321 हो गई, जो कोहली के 2014 सीज़न के 321 रनों से दो अधिक है। संजू सैमसन अब एक टी-20 विश्व कप एडिशन में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। यह रिकॉर्ड अब तक विराट कोहली के नाम था। ईशान किशन इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं, उन्होंने 317 रन बनाए हैं। हालांकि, एक टी-20 विश्व कप संस्करण में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अब भी पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान के नाम है। उन्होंने 2026 के टी-20 विश्व कप में 383 रन बनाए हैं।
भारत के लिए एक टी-20 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज
संजू सैमसन 321 रन (2026 विश्व कप)
विराट कोहली- 318 (2014 विश्व कप)
ईशान किशन- 317 (2026 विश्व कप)
सैमसन के रिकॉर्ड में दो बातें सबसे खास हैं। पहली बात तो यह कि उन्होंने यह मुकाम सिर्फ पांच पारियों में हासिल कर लिया। टूर्नामेंट शुरू होने पर यह दाएं हाथ का बल्लेबाज भारत की पहली प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं था। उन्होंने ग्रुप स्टेज में सिर्फ एक मैच खेला, जब अभिषेक शर्मा बीमारी के कारण बाहर थे और नामीबिया के खिलाफ 22 रन बनाए।
इसी के साथ टी-20 विश्व कप के एक एडीशन में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर आ गए हैं।
टी20 विश्व कप के एक संस्करण में सर्वोच्च रन:
383 - साहिबजादा फरहान (2026),
326 - टिम सीफर्ट (2026)
321 - संजू सैमसन (2026)
319 - विराट कोहली (2014)
317 - तिलकरत्ने दिलशान (2009),
317 - ईशान किशन (2026)।
अभिषेक के फॉर्म में गिरावट आने पर उन्हें वापस टीम में शामिल किया गया, क्योंकि भारत ने ईशान किशन को निचले क्रम पर भेजकर उन्हें जगह दी। केरल के इस स्टार खिलाड़ी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 24 रन, वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 97* रन और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की पारियों से टीम पर भरोसा कायम रखा। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई उनकी 89 रन की पारी भी उतनी ही प्रभावशाली थी, हालांकि वे एक बार फिर शतक बनाने से चूक गए। सैमसन ने 199.37 के स्ट्राइक रेट से इतने रन बनाए। यह किसी भी ऐसे बल्लेबाज का सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट है, जिसने पुरुष टी20 विश्व कप के किसी भी संस्करण में कम से कम 250 रन बनाए हों।
संजू सैमसन ने ना सिर्फ विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा है, बल्कि उन्होंने वेस्टइंडीज के मार्लोन सैमुअल का भी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। वे टी-20 विश्व कप के फाइनल में सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 89 रन की पारी के साथ यह कारनामा किया है। इससे पहले वेस्टइंडीज के मार्लोन सैमुअल्स ने साल 2016 के विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 85 रन बनाए थे। लिस्ट में तीसरे नंबर पर केन विलियमसन हैं जिन्होंने साल 2021 के टी-20 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 85 रन बनाए थे।
टी20 विश्व कप फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
संजू सैमसन - 89 बनाम न्यूजीलैंड 2026 में
मार्लोन सैमुअल्स (वेस्टइंडीज) - 85 बनाम इंग्लैंड 2016 में
केन विलियमसन (न्यूजीलैंड) - 85 बनाम ऑस्ट्रेलिया 2021 में
सैमसन ने अपने हमवतन विराट कोहली के 77 रनों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया, जो उन्होंने 2014 टी20 विश्व कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ हार के बावजूद बनाए थे। ऐसा करके, सैमसन कोहली और पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी के बाद टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में अर्धशतक बनाने वाले केवल तीसरे बल्लेबाज बन गए।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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