
सनथ जयसूर्या ने खोला राज, बताया क्यों सुपर ओवर में पथुम निसांका बैठे रहे बाहर; अभिषेक शर्मा के लिए कह दी ये बात
भारत के खिलाफ 202 की रनचेज में पथुम निसांका ने शतक जड़ा था, मगर इसके बावजूद वह सुपर ओवर में बाहर बैठे रहे। मैच के बाद कोच सनथ जयसूर्या ने बताया कि निसांका को बाहर बैठाने का क्या कारण था।
इंडिया वर्सेस श्रीलंका सुपर-4 का आखिरी मैच एशिया कप 2025 का सबसे रोमांचक मैच रहा। भारत के 202 रनों का पीछा करते हुए श्रीलंका ने भी इतने ही रन बनाए और मैच टाई हुआ। इस रनचेज में श्रीलंका के हीरो पथुम निसांका रहे थे जिन्होंने 107 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी। हालांकि उस समय हर कोई हैरान रह गया जब सुपर ओवर में निसंका बैटिंग करने नहीं आए। इसका नतीजा यह रहा कि सुपर ओवर में श्रीलंका ज्यादा कुछ नहीं कर पाया और टीम इंडिया ने आसानी से इस मैच को अपने नाम किया। मैच के बाद श्रीलंकाई कोच सनथ जयसूर्या ने खुलासा किया है कि पथुम निसंका ने सुपर ओवर में बैटिंग क्यों नहीं की।

सनथ जयसूर्या ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, "पिछले दो मैचों के दौरान उन्हें हैमस्ट्रिंग की चोट लगी थी और हम उन्हें लेकर थोड़े चिंतित थे।"
निसांका ने 58 गेंदों पर 7 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 107 रनों की यह शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी को लेकर जयसूर्या बोले, "मुझे लगता है कि पथुम ने उस स्कोर तक पहुंचने के लिए शानदार पारी खेली, लेकिन दुर्भाग्य से, वह आखिरी ओवर की पहली गेंद पर आउट हो गए। यह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण था। लेकिन उन 20 ओवरों के दौरान, उन्होंने वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी की और 100 रन बनाए और बोर्ड पर 202 रन बनाए।"
जयसूर्या ने इसके अलावा एशिया कप 2025 में धूम मचा रहे भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की भी जमकर तारीफ की। अभिषेक ने श्रीलंका के खिलाफ 61 रनों की धमाकेदार पारी खेली और एशिया कप टी20 के इतिहास में एक सीजन में 300 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने।
जयसूर्या ने कहा, "अभिषेक शर्मा अपना स्वाभाविक खेल खेल रहे हैं और उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यही मुख्य बात है, क्योंकि अगर कोई स्वाभाविक रूप से खेल रहा है, तो हमें उसे ऐसा करते रहने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन जब भी उन्हें धीमा होना होता है, तो वह ऐसा करना भी जानते हैं। छह ओवर के बाद, अगर वह लंबे समय तक बल्लेबाजी करना चाहते हैं, तो वह ऐसा कर लेते हैं। दिन-ब-दिन उन्हें अनुभव मिल रहा है और वे अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि कोचिंग स्टाफ ने उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने की छूट दे दी है। यही मुख्य बात है।"






