रुलाएगा क्या पगले? जब तारीफ पर तारीफ किए जा रहे सूर्यकुमार यादव को संजू सैमसन ने रोका; VIDEO
रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ ओपनिंग करने उतरे संजू सैमसन अंत तक डटे रहे और आखिरी ओवर में भारत को जीत दिलाकर ही लौटे। मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जब संजू सैमसन की शान में कसीदे पढ़ने शुरू किए तब उन्हें रोकने के लिए मैच के इस हीरो को कहना पड़ा- रुलाएगा क्या पगले?

टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में संजू सैमसन की जगह फिक्स तक नहीं थी। लीग स्टेज में उन्हें नामीबिया के खिलाफ मैच में इसलिए मौका मिला कि अभिषेक शर्मा पेट के संक्रमण से उबरे नहीं थे। तब उन्होंने 8 गेंद में 22 रन बनाए। फिर लीग स्टेज में उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला। जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर 8 में भारत को हार मिली तब टीम मैनेजमेंट ने ओपनिंग में दो बाएं हाथ के बल्लेबाजों की रणनीति को बदला। ओपनिंग में लेफ्ट और राइट का कॉम्बिनेशन अपनाया। अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन से ओपनिंग कराई और ईशान किशन को तीसरे नंबर पर भेजा।
जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू 24 रन बनाकर आउट हुए लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अकेले दम पर टीम को जीत दिलाई। उसके बाद तो हर किसी की जुबान पर संजू सैमसन का ही नाम है। रविवार को वेस्टइंडीज पर जीत के साथ भारत टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा। ओपनिंग करने उतरे संजू सैमसन अंत तक डटे रहे और आखिरी ओवर में भारत को जीत दिलाकर ही लौटे। उनकी 97 रनों की नाबाद निर्णायक पारी हर किसी की जुबां पर चढ़ी हुई है। मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जब संजू सैमसन की शान में कसीदे पढ़ने शुरू किए तब उन्हें रोकने के लिए मैच के इस हीरो को कहना पड़ा- रुलाएगा क्या पगले?
संजू सैमसन ने सिर्फ 50 गेंद में नाबाद 97 रन की पारी खेली। 12 चौके और 4 छक्के जड़े। सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की तरफ से सफल रन चेज में सबसे बड़ी पारी का विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारत ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का किसी भी टीम की तरफ से तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज कर दिखाया। ये टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत का सबसे बड़ा सफल रन चेज भी है। सैमसन जब भारत को जिताकर लौट रहे थे तब डगआउट में कप्तान सूर्यकुमार यादव अपनी टोपी उतारकर उनके सम्मान में झुक गए।
बीसीसीआई की तरफ से जारी एक वीडियो में सूर्यकुमार यादव लगातार संजू सैमसन की तारीफ किए जा रहे हैं। सूर्या कहते हैं, ‘मैं हमेशा कहता हूं कि अच्छे लोगों के साथ सही समय पर अच्छी चीज होगी। इनके लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था। इससे बेहतर मंच नहीं हो सकता था कि आप आइए और टीम को वो दीजिए जिसकी जरूरत है। जब वह टीम में आए तो जब हम सभी साथ में बैठे हुए तब उन्होंने पहली बात यही कही थी कि चलिए कुछ ऐसा करते हैं जो टीम चाहती है, न कि जो आप चाहते हैं।’
सूर्यकुमार यादव ने संजू सैमसन के मुश्किल समय के जिक्र से बचते हुए कहा, 'जीवन में हम बहुत सारी चीजें देखते हैं, बहुत सारे उतार-चढ़ाव देखते हैं। मैं आपको पीछे नहीं ले जाना चाहता कि पूरे साल क्या हुआ था, वह अपनी जगह खो दिए, अलग नंबर पर बल्लेबाजी की और उसके बाद अपनी उसी जगह पर बैटिंग करने लौटे।'
सूर्या ने आगे कहा, ‘विश्व कप जीतना आसान नहीं होता। वर्ल्ड कप, आईसीसी के टूर्नामेंट्स को जीतने के लिए साहसी लोगों की जरूरत होती है और ये एक साहसी पारी थी। उन्होंने जिस तरह से बैटिंग की, एक छोर से संभाल रखा था और टीम को जिताया। वह हर श्रेय के हकदार हैं। मैं उनके लिए, उनकी पत्नी, घर पर उनके परिवार और उन्हें प्यार करने वाले, सपोर्ट करने वाले सभी लोगों के लिए खुश हूं। अब हम एक और कदम करीब है। उम्मीद करते हैं कि ये जारी रहे।’
इसके बाद बगल में खड़े संजू सैमसन सूर्या से बोलते हैं- रुलाएगा क्या पगले? फिर दोनों दिल खोलकर हंसते हैं और एक दूसरे को गले लगाते हैं। उसके बाद सूर्या आगे कहते हैं, 'मुझे बहुत सारी बातें कहनी है...मैं बहुत खुश हूं। वह हर चीज का हकदार है।' संजू इसके लिए सूर्या को शुक्रिया कहते हैं।
इससे पहले सुपर 8 मैच में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 195 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में 29 रन के स्कोर पर भारत को अभिषेक शर्मा के रूप में पहला झटका लगा। स्कोर बोर्ड में अभी 12 रन और जुड़े थे कि ईशान किशन भी आउट हो गए। ओपनिंग करने उतरे संजू सैमसन एक छोर पर अंगद की पांव की तरह डटे रहे। उन्होंने सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या के साथ उपयोगी साझेदारियां की। पांड्या के आउट होने के बाद शिवम दुबे ने 19वें ओवर में दो चौके जड़कर भारत से दबाव कम किया। आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 7 रनों की दरकार थी और स्ट्राइक पर थे संजू सैमसन। संजू ने शेफर्ड की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया और अगली गेंद पर चौका जड़कर टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। संजू सैमसन ने 50 गेंदों में नाबाद 97 रन और शिवम दुबे ने 4 गेंदों में नाबाद 8 रन बनाए।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
और पढ़ें



